आरएस पुरा ऑब्जर्वेशन होम से दो पाकिस्तानी नागरिकों समेत तीन कैदियों के फरार होने के बाद 6 पुलिसकर्मी सस्पेंड

श्रीनगर, 17 फरवरी (आईएएनएस)। जम्मू और कश्मीर के आर.एस. पुरा में ऑब्जर्वेशन होम में तैनात छह पुलिसकर्मियों को मंगलवार को निलंबित कर दिया गया। यह कार्रवाई कैदियों के फरार होने के बाद की गई। भागने वालों में दो पाकिस्तानी नागरिक और आर.एस. पुरा का एक स्थानीय गैंगस्टर शामिल हैं।
जम्मू के सोशल वेलफेयर विभाग के ऑब्जर्वेशन होम में सोमवार को तैनात पुलिसकर्मियों पर हमला करने के बाद तीन कैदी भाग गए थे। भागने वालों की पहचान स्थानीय गैंगस्टर करनजीत सिंह उर्फ गुग्गा, जो आर.एस. पुरा के दबलेहर का रहने वाला है और पाकिस्तानी नागरिक मोहम्मद सुनउल्लाह और अहसान अनवर के रूप में हुई है।
पुलिस ने बताया कि करनजीत गुग्गा की मां भी मंगलवार को गायब हो गई, जिससे यह संदेह बढ़ गया कि भागना किसी बड़ी साजिश का हिस्सा हो सकता है। अधिकारियों के अनुसार यह घटना सोमवार शाम करीब 5:15 बजे हुई।
घटना के तुरंत बाद पुलिस ने मामला दर्ज किया और फरार कैदियों को पकड़ने के लिए बड़े पैमाने पर तलाशी अभियान शुरू किया। अधिकारियों ने बताया कि कई पुलिस टीमें बनाई गई हैं और फरार कैदियों को पकड़ने के लिए विभिन्न जगहों पर छापेमारी की जा रही है।
भागने के बाद पुलिस ने तुरंत आसपास के इलाकों को घेर लिया। आर.एस. पुरा में सोशल वेलफेयर विभाग द्वारा चलाया जाने वाला ऑब्जर्वेशन होम 1988 में स्थापित किया गया था।
यह होम उन जुवेनाइल बच्चों के लिए है जो अंडरट्रायल हैं या जिन्होंने कानून का उल्लंघन किया है। यहां उन्हें रहने की जगह, काउंसलिंग, पढ़ाई और रिहैबिलिटेशन जैसी सुविधाएं दी जाती हैं। यह सुविधा जुवेनाइल जस्टिस (केयर एंड प्रोटेक्शन ऑफ चिल्ड्रन) एक्ट, 2015 के तहत संचालित होती है और कानूनी पूछताछ के दौरान अस्थायी देखभाल के लिए होती है।
ऑब्जर्वेशन होम में 18 साल से कम उम्र के बच्चों को अस्थायी रूप से रखा जाता है, जब तक उनके मामले की जांच या ट्रायल जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड द्वारा पूरी नहीं हो जाती। बच्चों को खाने-पीने, कपड़े, रहने की जगह, मेडिकल केयर और रिहैबिलिटेशन जैसी सुविधाएं दी जाती हैं, ताकि उन्हें अच्छे नागरिक बनाने में मदद मिल सके।
ये होम अक्सर संघीय सरकार की तरफ से एनजीओ के साथ साझेदारी में जेजे एक्ट, 2015 के सेक्शन 47 के तहत बनाए जाते हैं। स्पेशल होम्स (जो लंबे समय तक सजा के बाद रिहैबिलिटेशन के लिए होते हैं) और चिल्ड्रन होम्स (जो जरूरतमंद बच्चों की देखभाल और सुरक्षा के लिए होते हैं) के विपरीत ऑब्जर्वेशन होम खासतौर पर अंडरट्रायल नाबालिग बच्चों के लिए बनाए जाते हैं। लड़कों और लड़कियों के लिए अलग-अलग सुविधाओं की आवश्यकता होती है और कभी-कभी उम्र के हिसाब से भी व्यवस्थाएं अलग रखी जाती हैं।
–आईएएनएस
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