विधानसभा बजट सत्र के दौरान ओडिशा सरकार को घेरने की तैयारी में कांग्रेस

भुवनेश्वर, 16 फरवरी (आईएएनएस)। कांग्रेस पार्टी 17 फरवरी से शुरू होने वाले ओडिशा विधानसभा के आगामी बजट सत्र में समाज के विभिन्न वर्गों से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दे उठाकर सरकार को घेरने की तैयारी में है।
आगामी ओडिशा विधानसभा के बजट सत्र से पहले कांग्रेस विधायक दल की एक बैठक विधानसभा परिसर में हुई, जिसमें सत्र के लिए रणनीति पर चर्चा की गई।
ओडिशा प्रदेश कांग्रेस कमेटी (ओपीसीसी) के अध्यक्ष भक्त चरण दास भी बैठक में शामिल हुए। दास ने मीडिया से बातचीत में कहा कि एक जिम्मेदार विपक्षी दल के रूप में कांग्रेस विधानसभा में जनता के मुद्दे उठाने और राज्य सरकार को उसकी नाकामियों के लिए जवाबदेह ठहराने के लिए प्रतिबद्ध है।
उन्होंने आगे कहा कि कांग्रेस सरकार को कई मुद्दों पर घेरने की योजना बना रही है, जिसमें किसानों के साथ कथित धोखाधड़ी और शोषण, औद्योगिक इकाइयों से होने वाला प्रदूषण और विस्थापन, अनसुलझा महानदी जल विवाद, किसानों को मुफ्त बिजली और उपभोक्ताओं को कर राहत, महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और न्याय, युवाओं के लिए रोजगार, दलितों और आदिवासियों को भूमि पट्टा और नौकरियों में घोटाले शामिल हैं।
ओपीसीसी अध्यक्ष ने यह भी कहा कि कांग्रेस विधायक सरकार द्वारा सत्ता संभालने से पहले किए गए वादों को पूरा न करने के मामले को भी उठाएंगे। बैठक में कांग्रेस विधायक दल के नेता रामचंद्र कदम, ओडिशा कांग्रेस सह-इंचार्ज जेट्टी कुसुम कुमार और सभी पार्टी विधायक भी मौजूद थे।
बजट सत्र में विपक्षी दल, बीजू जनता दल और कांग्रेस, सरकार पर विभिन्न मुद्दों, खासकर धान खरीद में हुए अराजकता को लेकर कड़ा दबाव डालने की योजना बना रहे हैं।
विपक्ष के नेता और बीजेडी अध्यक्ष नवीन पटनायक ने भी पार्टी के विधायकों से किसानों की समस्याओं और बिगड़े कानून-व्यवस्था की स्थिति को उठाने का आग्रह किया है।
इसके अलावा, बजट सत्र के सुचारू संचालन के लिए विधानसभा अध्यक्ष सुरमा पांडे की अध्यक्षता में सोमवार को सभी दलों की बैठक भी हुई। सत्र की शुरुआत राज्यपाल के अभिभाषण से होगी, जिसके बाद दो दिवसीय चर्चा होगी।
मुख्यमंत्री और वित्त मंत्री मोहन चरण माझी 20 फरवरी को राज्य का बजट प्रस्तुत करेंगे। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, 17वीं ओडिशा विधानसभा का छठा सत्र 8 अप्रैल को समाप्त होने का कार्यक्रम है। सत्र दो चरणों में आयोजित होगा और इसमें 28 कार्यदिवस होंगे।
–आईएएनएस
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