महाराष्ट्र: एमएमआरडीए ने 2026-27 के लिए 48,072.57 करोड़ रुपए का बजट पेश किया

मुंबई, 16 फरवरी (आईएएनएस)। मुंबई महानगर क्षेत्र विकास प्राधिकरण (एमएमआरडीए) ने सोमवार को वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 48,072.57 करोड़ रुपए के कुल परिव्यय के साथ अपना बजट पेश किया, जो 2017-18 के बाद इसका पहला अधिशेष बजट है।
2024-2025 में एमएमआरडीए को 7,468 करोड़ रुपए का घाटा हुआ था। मात्र तीन वर्षों में, प्राधिकरण ने 17 लाख रुपए का अधिशेष हासिल कर लिया है, जो एक निर्णायक वित्तीय सुधार का संकेत है।
यह अधिशेष सुनियोजित भूमि मुद्रीकरण, शहरी परिवहन कोष (यूटीएफ) को मजबूत करने, परियोजना-संबंधित राजस्व में सुधार और अंतरराष्ट्रीय साझेदारी और संस्थागत वित्तपोषण के माध्यम से पूंजी जुटाने का परिणाम है।
विज्ञप्ति में कहा गया कि बजट न केवल राजकोषीय संतुलन को दर्शाता है, बल्कि सुदृढ़ संस्थागत अनुशासन, बेहतर राजस्व जुटाने, सुनियोजित उधार और बढ़ी हुई वैश्विक विश्वसनीयता को भी प्रदर्शित करता है। भारत में सबसे बड़ी अवसंरचना परियोजनाओं में से एक का विस्तार करते हुए भी, एमएमआरडीए ने राजकोषीय संतुलन बहाल किया है, जिससे भारत के सबसे वित्तीय रूप से स्थिर क्षेत्रीय विकास प्राधिकरण के रूप में इसकी स्थिति और मजबूत हुई है।”
कुल व्यय 42,026.14 करोड़ रुपए में से 87.42 प्रतिशत विकास परियोजनाओं और योजनाओं के लिए आवंटित किया गया है, जो व्यापक स्तर पर पूंजी निवेश के प्रति एमएमआरडीए की प्रतिबद्धता को रेखांकित करता है।
प्रस्तावित बजट परिव्यय 48,072.57 करोड़ रुपए है, जो 2025-26 के लिए संशोधित अनुमान 30,316.18 करोड़ रुपए से 58.57 प्रतिशत अधिक है।
प्रस्तावित व्यय 48,072.40 करोड़ रुपए है, जो पिछले वर्ष के संशोधित अनुमान 31,313.13 करोड़ रुपए से 53.52 प्रतिशत अधिक है।
वित्त वर्ष 2017-18 से वित्त वर्ष 2026-27 तक, एमएमआरडीए ने अधिकांश वर्षों में घाटा दर्ज किया, लेकिन वित्त वर्ष 2026-27 में 0.17 करोड़ रुपए के मामूली अधिशेष के साथ राजकोषीय संतुलन हासिल कर लिया।
2026-27 का बजट गतिशीलता, आर्थिक विकेंद्रीकरण, जल सुरक्षा, जलवायु परिवर्तन के प्रति लचीलापन और आवास सुधार को एकीकृत करते हुए एक समन्वित क्षेत्रीय परिवर्तन रणनीति को गति प्रदान करता है।
एमएमआरडीए के अनुसार, यह बजट केवल एक वित्तीय विवरण से कहीं अधिक है। यह मुंबई महानगर क्षेत्र को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी, निवेश के लिए तैयार और टिकाऊ शहरी पारिस्थितिकी तंत्र में बदलने का एक रोडमैप है।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि 2017-18 के बाद एमएमआरडीए का पहला अधिशेष बजट एक महत्वपूर्ण संस्थागत उपलब्धि है। यह बजट वैश्विक निवेशकों के विश्वास और बुनियादी ढांचे पर आधारित दीर्घकालिक विकास की दृष्टि को दर्शाता है। यह मुंबई महानगर क्षेत्र को एक आधुनिक, निवेश के लिए तैयार और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी शहरी क्षेत्र के रूप में स्थापित करता है।
–आईएएनएस
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