'महाशिवरात्रि त्योहार नहीं, अध्यात्म की राह,' जूही चावला और तनीषा मुखर्जी ने बताया 'ध्यान' का महत्व

कोयंबटूर, 16 फरवरी (आईएएनएस)। ईशा फाउंडेशन के संस्थापक और धर्मगुरु जग्गी वासुदेव (सद्गुरु) द्वारा आयोजित महाशिवरात्रि के पावन पर्व पर 180 देशों से आए लोगों को शिव भक्ति में लीन देखा गया।
भव्य समारोह में बॉलीवुड और स्पोर्ट्स से जुड़े सेलेब्स ने भी योगदान दिया और महाशिवरात्रि के पावन पर्व पर शिव चरणों में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। समारोह में पहुंचीं जूही चावला और तनीषा मुखर्जी ने अब आईएएनएस के साथ बातचीत में अपने अनुभव शेयर किए हैं।
जूही चावला ने आईएएनएस से बात करते हुए कहा, “सद्गुरु को फॉलो करते हुए मुझे 10 साल हो चुके हैं और इससे मेरे जीवन में बड़ा बदलाव भी हुआ है। मैं फाउंडेशन के कई इवेंट्स का हिस्सा रही हूं, सद्गुरु से बात की है और काशी टूर का हिस्सा भी रही हूं और कुछ खास कार्यक्रमों के लिए फंड इकट्ठा करने में भी मदद की है। इसी कारण है कि मैं आज भी समारोह का हिस्सा हूं और मेरे लिए गर्व की बात है।”
महाशिवरात्रि पर बात करते हुए उन्होंने कहा, “मैं महाशिवरात्रि समारोह का हिस्सा भी रही हूं, और ये हर साल बड़ा होता जा रहा है। पहले बहुत कम लोग ही इसके बारे में जानते थे, लेकिन अब हर किसी को पता है कि ईशा फाउंडेशन बड़े स्तर पर शिव पूजन करता है और लोग इसका हिस्सा बनना भी चाहते हैं।” उन्होंने आगे कहा कि पहले जब यहां आने का मौका नहीं मिलता था, तब मैं घर पर 12 बजे के बाद टीवी देखती और ध्यान करने की कोशिश करती थी, लेकिन यहां की ऊर्जा में अलग बात है। यहां सिर्फ और सिर्फ ध्यान करने का मन करता है और मन शिवमय हो जाता है।
वहीं समारोह में शामिल होने पर अभिनेत्री तनीषा मुखर्जी ने कहा, “मैं महाशिवरात्रि के लिए तीसरी बार यहां आई हूं। जब मैं पहली बार यहां आई थी, तो मुझे यह देखकर बहुत आश्चर्य हुआ था कि यह सिर्फ एक त्योहार नहीं है, यह ध्यान की एक रात है, जिससे आप शिवतत्व को जान सकते हो। दुर्भाग्य से मुझे नहीं पता था कि महाशिवरात्रि का असली मतलब क्या है, लेकिन सद्गुरु की वजह से मुझे जानने का मौका मिला। हमें सिखाया गया कि हम साधारण इंसान नहीं, बल्कि भगवान का रूप हैं और हमारे अंदर के शिवतत्व को पहचानना होगा।”
–आईएएनएस
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