रीढ़ की हड्डी मजबूत, पाचन बेहतर और तनाव दूर करने में कारगर 'सरल धनुरासन'


नई दिल्ली, 14 फरवरी (आईएएनएस)। घंटों गलत पोस्चर में बैठे रहने से हड्डियां और मांसपेशियां न केवल कमजोर होती जाती हैं बल्कि शरीर कई रोगों की जद में आ जाता है। ऐसे में एक्सपर्ट बस कुछ मिनटों के लिए सरल धनुरासन के अभ्यास की सलाह देते हैं। यह आसन तन मन दोनों को स्वस्थ रखता है।

भारत सरकार के आयुष मंत्रालय ने योग के माध्यम से स्वास्थ्य को बढ़ावा देने के लिए सरल धनुरासन की जानकारी साझा की है। यह आसन धनुरासन का आसान रूप है, जो शरीर को धनुष की तरह आकार देता है। यह न केवल रीढ़ की हड्डी को मजबूत और लचीला बनाता है, बल्कि पाचन तंत्र को बेहतर करने, तनाव कम करने और स्वास्थ्य सुधारने में भी मदद करता है।

इसके नियमित अभ्यास से झुके हुए कंधे सीधे होते हैं, पीठ की समस्याएं दूर होती हैं और ऊर्जा का स्तर बढ़ता है। सरल धनुरासन एक आसान योग मुद्रा है, जिसे अभ्यास की शुरुआती स्टेज वाले लोग भी आसानी से कर सकते हैं। यह पेट के अंगों की मालिश करता है, जिससे कब्ज, अपच जैसी समस्याएं कम होती हैं। साथ ही यह थायरॉइड और एड्रिनल ग्रंथियों को संतुलित रखने में सहायक है, हार्मोनल असंतुलन को नियंत्रित करता है और मानसिक शांति देता है।

योग एक्सपर्ट का कहना है कि रोजाना कुछ मिनट इस आसन का अभ्यास करने से शरीर में लचीलापन आता है और शरीर के साथ ही मन भी स्वस्थ रहता है।

सरल धनुरासन के लिए सबसे पहले पेट के बल लेट जाएं। माथा जमीन पर रखें और पूरा शरीर आरामदायक स्थिति में हो। पैर सीधे और साथ-साथ रखें। अब घुटनों को मोड़ें और दोनों हाथों से टखनों (या एड़ियों) को अच्छी तरह पकड़ लें। इस दौरान गहरी सांस लें और धीरे-धीरे सिर, छाती तथा घुटनों को जमीन से ऊपर उठाएं। शरीर को धनुष की तरह आकार दें ताकि पीठ में खिंचाव महसूस हो। इस स्थिति में 10-20 सेकंड तक या जितना सहज हो सके रुकें, सामान्य सांस लेते रहें। इसके बाद धीरे-धीरे शुरुआती मुद्रा में आएं।

हालांकि, कुछ सावधानियां बरतनी भी जरूरी है। गर्भवती महिलाएं, हाई ब्लड प्रेशर, हर्निया, हाल की सर्जरी या गंभीर पीठ, गर्दन की समस्या वाले लोग बिना विशेषज्ञ सलाह के न करें। शुरुआत में ज्यादा जोर न लगाएं, धीरे-धीरे अभ्यास बढ़ाएं।

–आईएएनएस

एमटी/एएस


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