निर्मला सीतारमण ने बजट पर नहीं, बंगाल चुनाव पर की बात: डिंपल यादव

नई दिल्ली, 11 फरवरी (आईएएनएस)। समाजवादी पार्टी (सपा) से सांसद डिंपल यादव ने कहा कि केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण लोकसभा में बजट पर चर्चा के दौरान बंगाल चुनाव को लेकर बात की।
सपा सांसद डिंपल यादव ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण बंगाल चुनाव को ध्यान में रखकर बात कर रही थीं। वह बंगाल में महिलाओं के खिलाफ अपराधों के बारे में बात कर रही थीं, लेकिन वह उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, बिहार और ओडिशा में महिलाओं के खिलाफ अपराधों का मुद्दा नहीं उठा रही थीं। उन्होंने एकतरफा तरीके से बात की है। जिस तरह से अमेरिका के साथ भारत की ट्रेड डील हुई है, उससे कहीं न कहीं हमारे किसानों का नुकसान होने जा रहा है। हमारे छोटे-छोटे उद्योगपतियों को नुकसान होने जा रहा है।
वहीं, समाजवादी पार्टी की सांसद प्रिया सरोज ने कहा कि इस बजट में किसानों के हितों का ध्यान नहीं रखा गया है। इसमें आम लोगों की भलाई की भी बात नहीं की गई है। बड़ी-बड़ी बातें लिखीं और इस्तेमाल की गई हैं, लेकिन कोई सरकार सिर्फ बातों से नहीं चल सकती। उनके पीछे एक्शन होना चाहिए। मुझे लगता है कि इस बजट में हमारे युवाओं या आम आदमी के लिए कुछ नहीं है। हम लोग चाहते हैं कि किसानों का हित रखा जाए। हम लोग वित्त मंत्री से उम्मीद लगा रहे थे कि वे उन सवालों का जवाब देंगी, जो हमारी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने उनसे पूछा था। लेकिन, सवालों के जवाब नहीं मिले।
उन्होंने कहा कि बजट हमारी उम्मीदों पर खरा नहीं उतरा। हमें लगता है कि यह सिर्फ नंबरों पर आधारित बजट और चुनावी बजट है। इसमें बार-बार कोलकाता, पश्चिम बंगाल और ममता दीदी की बात की गई है, लेकिन हमें लगता है कि दिया गया जवाब संतोषजनक नहीं था। शिक्षा, स्वास्थ्य, किसान और रोजगार पर बात नहीं हुई। चुनाव को लेकर बंगाल के बारे में बात की, इसीलिए हम लोगों ने विरोध प्रदर्शन किया। वे सिर्फ बंगाल के बारे में बात कर रही थीं।
सपा सांसद आनंद भदौरिया ने कहा कि वॉकआउट नहीं किया। हमने वित्त मंत्री का पूरा भाषण सुना, लेकिन जैसे उन्होंने जो बजट पेश किया वह खोखला था, वैसे ही उनका जवाब भी खोखला था। वह जवाब कम और चुनावी, पॉलिटिकल भाषण ज्यादा दे रही थीं। वह चुनावी भाषण कर रही थीं। पश्चिम बंगाल के लाखों-करोड़ों रुपए दिल्ली पर बाकी हैं, उन्हें देने का काम नहीं किया। ऐसा लग रहा था कि वे अपनी पार्टी के लिए वोट मांग रही हैं। वित्त मंत्री ने विपक्षी सांसदों के सवालों का जवाब देना ठीक नहीं समझा।
–आईएएनएस
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