पंडित दीनदयाल उपाध्याय की पुण्यतिथि पर गृह मंत्री अमित शाह समेत कई भाजपा नेताओं ने दी श्रद्धांजलि


नई दिल्ली, 11 फरवरी (आईएएनएस)। भारतीय जनसंघ के संस्थापक सदस्य रहे पंडित दीनदयाल उपाध्याय की पुण्यतिथि पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह समेत भाजपा के कई बड़े नेताओं ने उन्हें श्रद्धांजलि दी है। अमित शाह ने कहा कि दीनदयाल उपाध्याय असंख्य पीढ़ियों के लिए राष्ट्रनिर्माण की प्रेरणा बने रहेंगे।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, “अंत्योदय व एकात्म मानववाद के प्रणेता, महान राष्ट्रचिंतक पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी की पुण्यतिथि पर उन्हें कोटिशः नमन। अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति का विकास ही राष्ट्र के विकास का परिचायक है, ऐसा विचार देने वाले दीनदयाल जी असंख्य पीढ़ियों के लिए राष्ट्रनिर्माण की प्रेरणा बने रहेंगे।”

केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने लिखा, “एकात्म मानववाद और अंत्योदय के प्रणेता हमारे प्रेरणास्रोत श्रद्धेय पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी की पुण्यतिथि पर उन्हें विनम्र अभिवादन। उनका तपस्यापूर्ण जीवन देश की सेवा के लिए आजीवन समर्पित रहा। राष्ट्र के पुनर्निर्माण की उनकी विचारधारा सदियों को प्रेरित करती रहेगी।”

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय की पुण्यतिथि पर उन्हें श्रद्धांजलि देते हुए लिखा, “डबल इंजन सरकार में ‘सबका साथ, सबका विकास’ की भावना उनके चिंतन की ही जीवंत अभिव्यक्ति है। पंडित जी के आदर्शों से प्रेरित होकर प्रदेश सरकार गांव, गरीब, किसान, नारी और अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति के उत्थान के लिए पूरी तरह संकल्पबद्ध है।”

असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने लिखा, “संघ के स्वयंसेवक से भारतीय जनसंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष तक का पंडित दीनदयाल उपाध्याय का वैचारिक और संगठनात्मक योगदान भारतीय राजनीति में एक मूल्यपरक दृष्टि का परिचायक है। ‘अंत्योदय’ और ‘एकात्म मानववाद’ के माध्यम से उन्होंने राष्ट्रनिर्माण को सामाजिक समरसता, सेवा और आत्मनिर्भरता से जोड़ा। उनकी पुण्यतिथि पर उनके विचारों और सार्वजनिक जीवन के प्रति कृतज्ञ स्मरण।”

भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने लिखा, “राष्ट्रसेवा एवं समर्पण के प्रतीक, भारतीय जनसंघ के संस्थापक एवं हमारे मार्गदर्शक श्रद्धेय पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी की पुण्यतिथि पर उन्हें शत्-शत् नमन। उनके एकात्म मानववाद और अंत्योदय की विचारधारा ने सेवा-भाव को राजनीति की आत्मा के रूप में स्थापित किया है, जो राष्ट्रनिर्माण के पथ पर सदैव दिशा और प्रेरणा प्रदान करती रहेगी।”

–आईएएनएस

डीसीएच/


Show More
Back to top button