ऑटोमोटिव इंडस्ट्री में इनोवेशन ग्राहकों के डेटा की गोपनीयता और सुरक्षा की सीमाओं के भीतर हो : सियाम अध्यक्ष


नई दिल्ली, 10 फरवरी (आईएएनएस)। सोसाइटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स (सियाम) के अध्यक्ष शैलेश चंद्रा ने मंगलवार को कहा कि ऑटोमोटिव इंडस्ट्री में इनोवेशन ग्राहकों के डेटा की गोपनीयता और सुरक्षा की सीमाओं के भीतर ही किया जाना चाहिए।

उन्होंने राष्ट्रीय राजधानी में एक कार्यक्रम में कहा कि इलेक्ट्रिक वाहनों में और यहां तक कि पारंपरिक आईसीई (इंटरनल कम्बशन इंजन) वाहनों में भी ग्राहक से इकोसिस्टम के कई पक्षकारों तक का बहुत सारा डेटा प्रवाहित होता है।

इसमें आपके डैशकैम से आने वाला वीडियो फीड या आपके इंफोटेनमेंट सिस्टम में जुड़े हुए फोन नंबर शामिल हो सकते हैं। ग्राहक से जुड़ी इतनी अधिक जानकारी सामने आती हैं और हम पेशेवरों के रूप में उसकी गोपनीयता की परवाह करते हैं।

सियाम के अध्यक्ष के साथ टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स लिमिटेड के सीईओ का पद संभाल रहे चंद्रा ने कहा, “हमें ओईएम स्तर पर गोपनीयता और सुरक्षा को लेकर बहुत संवेदनशील होना चाहिए और इसके लिए कुछ स्पष्ट सिद्धांत होने चाहिए।”

उन्होंने कहा, “पहला सिद्धांत यह है कि आपको ग्राहक को यह स्पष्ट रूप से बताना चाहिए और उसकी सहमति लेनी चाहिए कि कौन-सा डेटा उपयोग किया जा रहा है और उसे किस प्रकार इस्तेमाल किया जाएगा। दूसरा पहलू यह है कि हमें डेटा का वर्गीकरण करना चाहिए।”

तीसरा और बहुत महत्वपूर्ण पहलू यह है कि आप डेटा को कैसे संभालते हैं—यानी कौन-सी जानकारी को लंबे समय तक सुरक्षित रखना है और किसे जल्दी समाप्त करना है।

चंद्रा के अनुसार, इन सिद्धांतों का कार्यान्वयन तभी संभव है जब “आप अपने सिस्टम को गोपनीयता को ध्यान में रखकर डिजाइन करें, अपने सिस्टम को सुरक्षा को ध्यान में रखकर डिजाइन करें और इसका अर्थ यह है कि आप डेटा का सही तरीके से वर्गीकरण करें।

इसके अतिरिक्त, भारतीय ऑटोमोबाइल उद्योग ने पिछले वर्ष नवंबर में अब तक की सबसे अच्छी बिक्री दर्ज की। सियाम के आंकड़ों के अनुसार, यात्री वाहन (पीवी) की बिक्री पिछले वर्ष के इसी महीने की तुलना में लगभग 19 प्रतिशत बढ़कर 4,12,405 यूनिट हो गई। वहीं, तीन-पहिया वाहनों की बिक्री 21.3 प्रतिशत बढ़कर 71,999 यूनिट रही, जबकि दो-पहिया वाहनों की बिक्री 21.2 प्रतिशत उछलकर 19,44,475 यूनिट तक पहुंच गई।

उद्योग को उम्मीद है कि लगातार सहायक नीतिगत सुधार और बेहतर बाजार भावना इस वृद्धि की गति को 2026 तक बनाए रखेंगे।

–आईएएनएस

एबीएस/


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