यूपी विधानसभा में दिवंगत विधायकों को दी गई श्रद्धांजलि

लखनऊ, 11 फरवरी (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र के दूसरे दिन मंगलवार को सदन में दिवंगत विधायकों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा शोक प्रस्ताव प्रस्तुत किए जाने के बाद भाजपा विधायक प्रो. श्याम बिहारी लाल और समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता विजय सिंह गोंड की स्मृति में सदन ने दो मिनट का मौन रखा। इसके बाद विधानसभा की कार्यवाही बुधवार तक के लिए स्थगित कर दी गई।
सीएम योगी आदित्यनाथ ने शोक प्रस्ताव रखते हुए कहा कि बरेली जिले की फरीदपुर विधानसभा सीट से दो बार निर्वाचित रहे श्याम बिहारी लाल एक सरल स्वभाव के, जनता से जुड़े और सामाजिक सरोकारों के प्रति प्रतिबद्ध नेता थे। उन्होंने कहा कि श्याम बिहारी लाल गरीबों और वंचितों के हितों के लिए निरंतर कार्य करते रहे और शिक्षा जगत से भी उनका गहरा नाता था। वे 2017 और 2022 में भाजपा के टिकट पर विधायक चुने गए थे तथा जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय की कार्यसमिति के सदस्य भी रहे।
मुख्यमंत्री ने सोनभद्र जिले की दुद्धी विधानसभा सीट से आठ बार विधायक रहे विजय सिंह गोंड को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि वे वरिष्ठ और अनुभवी जनप्रतिनिधि थे तथा आदिवासी समाज की सशक्त आवाज के रूप में जाने जाते थे। उन्होंने कहा कि गोंड का जीवन संघर्षों से भरा रहा और वे सादगी तथा स्पष्ट विचारों के लिए सदन में विशेष पहचान रखते थे। उन्होंने उत्तर प्रदेश विधानमंडल के बजट सत्र के दूसरे दिन, मंगलवार को दिवंगत विधायकों को श्रद्धांजलि अर्पित की।
सीएम योगी ने सदन में शोक जताते हुए कहा कि वर्तमान विधानसभा के सदस्य प्रोफेसर श्याम बिहारी लाल का निधन 2 जनवरी 2026 को 60 वर्ष की आयु में हो गया। वह दूसरी बार विधानसभा के लिए निर्वाचित हुए थे और फरीदपुर (बरेली) से भारतीय जनता पार्टी के विधायक थे। प्रो. श्याम बिहारी लाल मिलनसार और जमीन से जुड़े जनप्रतिनिधि थे। शिक्षा जगत से उनका गहरा जुड़ाव रहा। वह इतिहास संकलन समिति, बरेली के अध्यक्ष तथा जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय, नई दिल्ली की कार्यसमिति के सदस्य भी रहे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रो. श्याम बिहारी लाल ने अपने निर्वाचन क्षेत्र में बुनियादी विकास कार्यों को गति दी और पिछड़े, वंचित व गरीब वर्ग के कल्याण के लिए निरंतर काम किया। शिक्षा जगत से जुड़े विद्वान जब जनप्रतिनिधि बनते हैं तो वह लोकतांत्रिक परंपराओं को सशक्त करते हैं। उनके निधन से प्रदेश और भारतीय जनता पार्टी को अपूर्णनीय क्षति हुई है।
उन्होंने वर्तमान विधानसभा के वरिष्ठ सदस्य विजय सिंह गोंड के निधन पर भी शोक व्यक्त किया। उन्होंने सदन को बताया कि समाजवादी पार्टी से विधायक विजय सिंह का निधन 8 जनवरी 2026 को 71 वर्ष की आयु में हो गया था। वह आठवीं बार विधानसभा सदस्य निर्वाचित हुए थे। वर्ष 1980 से उनका राजनीतिक सफर शुरू हुआ था। उन्होंने सर्वप्रथम वर्ष 1980, फिर 1985, 1989, 1991, 1993, 1996, और 2002 में चुनाव जीता था। वर्ष 2024 के उपचुनाव में वह दुद्धी विधानसभा से निर्वाचित हुए थे। वह जनजातीय समाज की सशक्त आवाज के रूप में जाने जाते थे।
सीएम योगी ने कहा कि विजय सिंह गोंड ने जल, जंगल, जमीन के अधिकारों के साथ शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क और रोजगार जैसे बुनियादी मुद्दों को सदैव प्राथमिकता दी। उनके निधन से न केवल जनजातीय समाज, बल्कि पूरे प्रदेश ने संघर्षशील समाजसेवी और अनुभवी राजनेता को खो दिया है। मुख्यमंत्री ने दोनों दिवंगत सदस्यों के प्रति श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए ईश्वर से शोकाकुल परिजनों को संबल देने की प्रार्थना की।
गोंड वर्ष 1980 से लगातार विभिन्न चुनावों में दुद्धी सीट से निर्वाचित होते रहे और अलग-अलग राजनीतिक दलों का प्रतिनिधित्व किया। नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय, कांग्रेस, जनसत्ता दल (लोकतांत्रिक), सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी सहित अन्य दलों के नेताओं ने भी दोनों दिवंगत विधायकों के योगदान को याद करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।
विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने पूरे सदन की ओर से शोक संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि सदन ने दो अनुभवी और जनसेवा के प्रति समर्पित जनप्रतिनिधियों को खो दिया है। शोक प्रस्ताव पारित होने के बाद अध्यक्ष ने सदन की कार्यवाही बुधवार तक के लिए स्थगित किए जाने की घोषणा की। बुधवार को विधानसभा में वित्त वर्ष 2026-27 के लिए राज्य का बजट पेश किया जाएगा।
–आईएएनएस
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