ब्रिटिश पीएम स्टार्मर मैंडेलसन-एपस्टीन स्कैंडल के दबाव में नहीं देंगे इस्तीफा

लंदन, 9 फरवरी (आईएएनएस)। ब्रिटिश प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर “अपने काम पर ध्यान दे रहे हैं” और इस्तीफा नहीं देंगे, उनके आधिकारिक प्रवक्ता ने इसकी जानकारी दी। एपस्टीन स्कैंडल में अपने करीबी का नाम आने के बाद स्टार्मर विपक्ष के निशाने पर हैं।
स्टार्मर के प्रवक्ता ने पत्रकारों को बताया कि स्टार्मर “पूरे देश में बदलाव लाने के काम में लगे हुए हैं।” यह बात प्रधानमंत्री के कम्युनिकेशन चीफ और चीफ ऑफ स्टाफ के इस्तीफा देने के कुछ घंटे बाद कही गई।
लेबर नेता, जो 19 महीनों से पीएम पद पर हैं, इस्तीफे के दबाव का सामना कर रहे हैं, क्योंकि उन्होंने पीटर मैंडेलसन को यूएस राजदूत नियुक्त किया था, जबकि उन्हें पता था कि 2008 में यूएस यौन अपराधी को दोषी ठहराए जाने के बाद भी मैंडेलसन के एपस्टीन से संबंध थे।
बीबीसी के अनुसार, प्रवक्ता ने आगे कहा कि सुबह स्टाफ को संबोधित करने के बाद स्टार्मर “खुश” और “आत्मविश्वासी” लग रहे हैं।
उनके प्रवक्ता ने इस बात से भी इनकार किया कि पीएम सप्ताहांत में अपना पद छोड़ने पर विचार कर रहे थे। उन्होंने कहा: “आज सुबह स्टाफ के सामने जो प्रधानमंत्री दिखे, वे ऐसे नहीं थे।
प्रवक्ता ने आगे कहा, “वह पूरे देश में बदलाव लाने के काम में लगे हुए हैं।” “यह बहुत साफ है कि वह अपने हाथ में लिए गए काम को पूरा करने के लिए दृढ़ हैं।”
प्रवक्ता ने कहा कि स्टार्मर को यह भी भरोसा है कि उन्हें कैबिनेट का सर्वसम्मत समर्थन प्राप्त है।
बता दें कि रविवार को ही ब्रिटिश पीएम के सबसे करीबी सलाहकार और चीफ ऑफ स्टाफ मॉर्गन मैकस्वीनी ने इस्तीफा दे दिया। मैकस्वीनी, जो स्टार्मर की 2024 की चुनावी जीत के मुख्य वास्तुकार माने जाते थे, ने बयान में कहा कि मैंडेलसन की नियुक्ति ‘गलत’ थी और इससे पार्टी, देश और राजनीति को गहरा नुकसान पहुंचा है। उन्होंने अपनी सलाह की पूरी जिम्मेदारी ली और इस्तीफा दे दिया।
इस्तीफा ऐसे समय दिया गया जब विदेश मंत्रालय ने मैंडेलसन को दिए जाने वाले निकास भुगतान (सेवा समाप्ति भुगतान) की समीक्षा शुरू कर दी है। पिछले सितंबर में स्टार्मर ने एपस्टीन से दोस्ती के कारण मैंडेलसन को राजदूत पद से बर्खास्त कर दिया था।
–आईएएनएस
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