आरएसएस शताब्दी वर्ष इवेंट में सुभाष घई ने की शिरकत, मोहन भागवत के शब्दों को बताया शानदार

मुंबई, 7 फरवरी (आईएएनएस)। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के 100 साल पूरे होने के अवसर पर मुंबई में दो दिवसीय ‘संघ यात्रा के 100 वर्ष’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस खास मौके पर आरएसएस के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत ने मुख्य संबोधन दिया। कार्यक्रम में कई हस्तियां शामिल हुईं, जिनमें फिल्म निर्देशक सुभाष घई, अभिनेत्री और सांसद हेमा मालिनी और अभिनेता सलमान खान जैसे नाम शामिल हैं।
कार्यक्रम में ‘नए क्षितिज’ व्याख्यान श्रृंखला के तहत डॉ. मोहन भागवत ने अपना विचार रखे, जिसकी सभी अतिथियों ने सराहना की। फिल्म निर्देशक सुभाष घई ने इंस्टाग्राम पर एक पोस्ट कर भागवत के शब्दों को दोहराते हुए इसे शानदार बताया।
उन्होंने लिखा, “सिर्फ हमारा राष्ट्रीय चरित्र ही भारत को विश्व गुरु बना सकता है। भारत कोई भौगोलिक जमीन नहीं है। यह भारत के लोगों का स्वभाव है। हिंदू कोई मुख्य धर्म नहीं है—यह एक दर्शन है। धर्मों, जाति या किसी भी भेदभाव से परे हमें सभी को स्वीकार करना होगा और सभी का सम्मान करना होगा ताकि भारत सच में चमके, एक-दूसरे की आलोचना करके नहीं।”
सुभाष घई ने कहा कि उन्होंने ये गहरे और कीमती शब्द पूरी स्पष्टता और विश्वास के साथ मोहन भागवत से सुने। उन्होंने आरएसएस को राष्ट्रहित में काम करने वाला संगठन बताया, जो समाज को जोड़ने का प्रयास कर रहा है। यह समाज में एकता और राष्ट्रभक्ति की भावना को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
कार्यक्रम में सलमान खान का जिक्र करते हुए डॉ. मोहन भागवत ने कहा, “सिनेमा में सलमान खान जो पहनते हैं, कॉलेज के विद्यार्थी वही पहनते हैं। पूछो क्यों, तो कहते हैं मालूम नहीं। समाज फैशन से चलता है, फैशन बनाने वाले ही श्रेष्ठ और विश्वासपात्र होते हैं।”
‘नए क्षितिज’ व्याख्यान में सुभाष घई, हेमा मालिनी के साथ गायिका अनुराधा पौडवाल, उद्योगपति कुमार मंगलम बिड़ला, एनएसई चेयरमैन आशीष चौहान, कोटक महिंद्रा सिक्योरिटीज के नीलेश शाह, ‘केरल स्टोरी 2’ के निर्माता विपुल शाह, टी-सीरीज के रमेश तौरानी, मराठी अभिनेता प्रसाद ओक, भाऊ कदम, सुनील बर्वे, पारसी समुदाय के धर्मगुरु दस्तूर खुर्शीद दस्तूर समेत कई सितारे शामिल हुए।
–आईएएनएस
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