अहमदाबाद में टाउन प्लानर्स का राष्ट्रीय सम्मेलन, विकसित भारत थीम पर हुई चर्चा


अहमदाबाद, 6 फरवरी (आईएएनएस)। इंस्टीट्यूट ऑफ टाउन प्लानर्स इंडिया द्वारा ’74वां नेशनल टाउन एंड कंट्री प्लानर्स कॉन्फ्रेंस’ शुक्रवार को एसजी हाईवे स्थित कर्णावती क्लब में आयोजित किया गया। सम्मेलन का उद्घाटन सुबह 9:30 बजे आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय, भारत सरकार के सचिव कटिकिथला श्रीनिवास द्वारा किया गया।

इस अवसर पर गुजरात सरकार की नगरीय विकास मंत्री दर्शना बेन मुकेशभाई वाघेला, उत्तर प्रदेश सरकार के सलाहकार केशव वर्मा, इंस्टीट्यूट के अध्यक्ष प्रदीप कपूर और अन्य प्रमुख टाउन प्लानर्स उपस्थित रहे।

सम्मेलन का मुख्य विषय ‘सक्रिय क्षेत्रीय योजना एवं विकास से विकसित भारत की दिशा’ रहा। इसमें सतत शहरी घनत्व, समावेशी विकास और सीमित क्षेत्र में भविष्य की आबादी को समाहित करने की रणनीतियों पर चर्चा की गई।

इस कार्यक्रम को लेकर राज्य मंत्री (शहरी विकास एवं शहरी आवास), गुजरात, दर्शना वाघेला ने कहा कि उन्होंने अहमदाबाद में इंस्टीट्यूट ऑफ टाउन प्लानर्स इंडिया द्वारा आयोजित 74वें नेशनल टाउन एंड कंट्री प्लानर्स कॉन्फ्रेंस–2026 में हिस्सा लिया और देश भर के टाउन प्लानर्स, एक्सपर्ट्स और पॉलिसी मेकर्स के साथ चर्चा की। तेजी से शहरीकरण के इस दौर में व्यवस्थित और टिकाऊ विकास के लिए वैज्ञानिक टाउन प्लानिंग बेहद जरूरी है। आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर, ग्रीन स्पेस, ट्रैफिक मैनेजमेंट, आवास और नागरिक सुविधाओं पर विस्तार से चर्चा हुई।

श्रीनिवास कटिकिथला (सचिव, आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय, भारत सरकार) ने आईएएनएस से बातचीत में कहा कि गुजरात में जिस तरह प्रगति हुई है, उसी मॉडल को अपनाकर अन्य राज्य भी अपने शहरों को और मजबूत बना सकते हैं।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी का इस विषय पर दृष्टिकोण बहुत गहरा है। भारत के भविष्य और विकसित भारत को लेकर अनुमान है कि करीब 50 प्रतिशत आबादी शहरी क्षेत्रों में निवास करेगी, और 75 से 80 प्रतिशत जीडीपी में यही क्षेत्र योगदान देंगे। इसमें युवा शक्ति का बड़ा योगदान होने वाला है। इन सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए और पहले से तैयारी करने की दिशा में भारत सरकार काम कर रही है।

उन्होंने यह भी कहा कि सरकार, मेयर और कमिश्नर के साथ लगातार संवाद होता रहता है। हमारे मंत्री मनोहर लाल लगातार कॉन्फ्रेंस आयोजित करते रहते हैं। इनके माध्यम से शहरीकरण को चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ाने में किस तरह योगदान किया जा सकता है, इस पर काम किया जा रहा है।

–आईएएनएस

एएमटी/एमएस


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