राजस्थान : ईडी की बड़ी कार्रवाई, पूर्व विधायक बलजीत यादव को पीएमएलए के तहत गिरफ्तार किया


जयपुर, 5 फरवरी (आईएएनएस)। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की जयपुर जोनल इकाई ने राजस्थान के बहरोड़ निर्वाचन क्षेत्र के पूर्व विधायक बलजीत यादव को 3 फरवरी 2026 को धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए), 2002 के तहत गिरफ्तार किया है। यह गिरफ्तारी उनके विधायक कार्यकाल (2018-2023) के दौरान एमएलए लोकल एरिया डेवलपमेंट (एलएडी) फंड के कथित गबन और दुरुपयोग से जुड़ी जांच के सिलसिले में हुई है।

ईडी ने बलजीत यादव को गिरफ्तार कर पीएमएलए की विशेष अदालत, जयपुर के समक्ष पेश किया, जहां अदालत ने आगे की जांच के लिए उन्हें तीन दिन की ईडी हिरासत में भेज दिया। मामला भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी), जयपुर द्वारा दर्ज एफआईआर संख्या 287/2024 (दिनांक 12.12.2024) पर आधारित है, जिसमें भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धारा 7(सी), 13(1)(ए), 13(2), आईपीसी की धारा 409 और 120बी तथा राजस्थान सार्वजनिक खरीद में पारदर्शिता अधिनियम, 2012 की धारा 41 के तहत आरोप लगाए गए हैं। ये सभी पीएमएलए के अनुसूचित अपराध हैं।

ईडी की जांच से पता चला कि बलजीत यादव मुख्य साजिशकर्ता थे। उन्होंने अपने निर्वाचन क्षेत्र के 32 सरकारी स्कूलों के लिए खेल सामग्री (बैडमिंटन और क्रिकेट किट) खरीदने की सिफारिश की और सहयोगियों के साथ मिलकर चार निजी फर्मों, एम/एस बालाजी कंप्लीट सॉल्यूशन प्राइवेट लिमिटेड, एम/एस सूर्या एंटरप्राइजेज, एम/एस राजपूत स्पोर्ट्स एंटरप्राइजेज और एम/एस शर्मा स्पोर्ट्स एंटरप्राइजेज, को शामिल किया। इन फर्मों का खेल उपकरण व्यापार में कोई पूर्व अनुभव नहीं था। टेंडर प्रक्रिया में नियमों का उल्लंघन कर प्रतिस्पर्धा सीमित की गई और इन्हें ठेका दिलाया गया।

खरीद में घटिया गुणवत्ता का सामान नकद में लिया गया और नीमराना पंचायत समिति को बढ़ा-चढ़ाकर बिल जमा कर मंजूरी दिलाई गई। कुल 2.87 करोड़ रुपए (कुछ रिपोर्टों में 3.72 करोड़ तक) के फंड का दुरुपयोग हुआ। बैंक खातों के विश्लेषण से पता चला कि प्राप्त राशि बलजीत यादव के रिश्तेदारों और सहयोगियों को ट्रांसफर की गई। धन का हिस्सा उनके नाम पर संपत्तियां खरीदने में इस्तेमाल हुआ, जिन्हें बाद में बेचकर नकद में निकाला गया।

इससे पहले, 24 जनवरी 2025 को ईडी ने जयपुर, दौसा (राजस्थान) और रेवाड़ी (हरियाणा) में नौ स्थानों पर तलाशी अभियान चलाया था, जिसमें बलजीत यादव से जुड़े ठिकानों को कवर किया गया। अभियान में 31 लाख रुपए नकद, आपत्तिजनक दस्तावेज, रिकॉर्ड और डिजिटल डिवाइस जब्त किए गए, जो एमएलए-एलएडी फंड की मनी लॉन्ड्रिंग के महत्वपूर्ण सबूत प्रदान करते हैं।

–आईएएनएस

एससीएच


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