जीनत अमान ने पुरानी फिल्म 'तीसरी आंख' का सीन शेयर कर बॉलीवुड में बदलाव पर उठाए सवाल


मुंबई, 4 फरवरी (आईएएनएस)। बीते जमाने की मशहूर अभिनेत्री जीनत अमान अक्सर अपनी पुरानी फिल्मों के सीन्स सोशल मीडिया पर शेयर करती रहती हैं और फैंस से हिंदी सिनेमा में आए बदलावों पर बात करती हैं। ऐसा ही कुछ उन्होंने बुधवार को किया। अभिनेत्री ने इंस्टाग्राम पर 1970 के दशक की फिल्म ‘तीसरी आंख’ का एक खास सीन पोस्ट किया, जिसमें उनका किरदार बरखा काफी आक्रामक और शरारती अंदाज में धर्मेंद्र के किरदार अशोक भोला का पीछा करती दिखती है।

अभिनेत्री ने पोस्ट कर लिखा, “पुरानी फिल्मों में सीन दोबारा देखना हमेशा एक अनोखा और मजेदार अनुभव होता है। कभी पता नहीं चलता है कि कौन सा सीन दिल को छू लेगा या फिर सोचने पर मजबूर कर देगा।”

अभिनेत्री ने आगे बताया कि उन्होंने कुछ हफ्ते पहले फिल्म ‘दोस्ताना’ का एक क्लिप शेयर किया था, जिसमें अमिताभ बच्चन का किरदार इंस्पेक्टर विजय किसी महिला को छेड़ता और स्लट-शेमिंग करता नजर आता है। अब ‘तीसरी आंख’ का सीन शेयर कर उन्होंने पूछा कि क्या सिर्फ दो सालों में हिंदी सिनेमा में हीरोइनों की भूमिका इतनी तेजी से बदल गई?

जीनत ने लिखा, “फिल्म ‘दोस्ताना’ में पुरुष किरदार आक्रामक था, जबकि ‘तीसरी आंख’ में महिला का किरदार बरखा आक्रामक है और पुरुष का किरदार अनिच्छुक शिकार बनता है। यह एक तरह का जेंडर फ्लिप है। ‘दोस्ताना’ का सीन गुस्सा दिलाता है, जबकि यह सीन मजेदार लगता है, क्योंकि पारंपरिक भूमिकाएं उलट गई हैं।”

अभिनेत्री ने बाद में ये साफ किया कि वह बरखा के इस व्यवहार का समर्थन नहीं करती, ठीक वैसे ही जैसे ‘दोस्ताना’ में इंस्पेक्टर विजय के व्यवहार का समर्थन नहीं कर सकतीं। उन्होंने कहा, “बॉलीवुड ने कई बार मस्ती और शरारत के नाम पर जुनून और दीवानगी को बढ़ावा दिया। उन्होंने असल प्यार दिखाने की बजाय जुनूनी रोमांस को महिमामंडित किया गया। मैंने भी इस तरह के रोमांस के विचार को फैलाने में भूमिका निभाई है। अब मैं इसे ठीक करने की छोटी कोशिश कर रही हूं।”

उन्होंने जोर देते हुए कहा, “रिश्ते में सहमति होनी बेहद जरूरी है और सम्मान दोनों तरफ से होना चाहिए। मैंने यह बात बड़ी मुश्किल तरीके से सीखी है। इस सीन पर आपकी टिप्पणियों का बेसब्री से इंतजार है। मुझे इसे पाकर बहुत खुशी हुई, खासकर इसलिए क्योंकि इसमें मेरे प्यारे को-स्टार धर्मजी हैं, जिनके साथ मेरी सिर्फ प्यारी यादें हैं।”

–आईएएनएस

एनएस/जीकेटी


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