जनवरी में भारत में व्हाइट-कॉलर नौकरियों में 3 प्रतिशत बढ़ोतरी, नॉन-आईटी सेक्टर ने बढ़ाया रोजगार: रिपोर्ट


नई दिल्ली, 2 फरवरी (आईएएनएस)। भारत में व्हाइट-कॉलर (ऑफिस से जुड़ी) नौकरियों की भर्ती ने साल 2026 की शुरुआत स्थिर रफ्तार के साथ की है। जनवरी महीने में भर्ती में सालाना आधार पर 3 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई। इस बढ़त की सबसे बड़ी वजह नॉन-आईटी सेक्टर और फ्रेशर्स की भर्ती रही।

सोमवार को जारी नौकरी जॉबस्पीक इंडेक्स की रिपोर्ट के मुताबिक, नॉन-आईटी सेक्टर इस बढ़ोतरी के मुख्य कारण रहे। इसमें बीपीओ/आईटीईएस सेक्टर में 21 प्रतिशत से ज्यादा की तेजी देखी गई। वहीं हॉस्पिटैलिटी और ट्रैवल सेक्टर में 15 प्रतिशत से अधिक, इंश्योरेंस सेक्टर में 7 प्रतिशत से ज्यादा और हेल्थकेयर सेक्टर में 5 प्रतिशत से अधिक की बढ़त दर्ज की गई।

रिपोर्ट के अनुसार, बैंकिंग और वित्तीय सेवाएं उन प्रमुख गैर-आईटी क्षेत्रों में से एक थीं जिनमें गिरावट देखी गई। इसमें सालाना आधार पर 15 प्रतिशत की गिरावट आई। वहीं, आईटी क्षेत्र में पूरे महीने कोई बदलाव नहीं हुआ और यह लगभग स्थिर रहा। हालांकि, एआई और मशीन लर्निंग (एआई/एमएल) से जुड़ी नौकरियों में 34 प्रतिशत से ज्यादा की मजबूत बढ़त देखने को मिली।

पिछले तीन महीनों से बीपीओ/आईटीईएस सेक्टर लगातार टॉप 5 सेक्टरों में शामिल रहा है, जहां सालाना आधार पर दो अंकों में ग्रोथ देखी गई है।

जनवरी 2026 में बीपीओ/आईटीईएस सेक्टर में कुल भर्ती 21 प्रतिशत बढ़ी। इसमें फ्रेशर्स की भर्ती में 39 प्रतिशत की तेज बढ़ोतरी हुई। वहीं, 13 से 16 साल के अनुभव वाले प्रोफेशनल्स की भर्ती में भी 9 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई।

इस ग्रोथ में नॉन-मेट्रो शहरों की अहम भूमिका रही। जयपुर में भर्ती 66 प्रतिशत से ज्यादा बढ़ी, जबकि अहमदाबाद में 43 प्रतिशत से अधिक की बढ़त देखी गई।

रिपोर्ट में बताया गया है कि विदेशी मल्टीनेशनल कंपनियों (एमएनसी) ने इस तेजी में बड़ी भूमिका निभाई। इन कंपनियों की भर्ती गतिविधियों में 80 प्रतिशत से ज्यादा की बढ़ोतरी दर्ज की गई।

नौकरी डॉट कॉम के चीफ बिजनेस ऑफिसर डॉ. पवन गोयल ने कहा कि बीपीओ/आईटीईएस और हॉस्पिटैलिटी जैसे सेक्टरों में लगातार सालाना ग्रोथ देखना उत्साहजनक है। इन सेक्टरों ने 2026 की शुरुआत मजबूत और सकारात्मक तरीके से की है। इसके साथ ही भारतीय आईटी एमएनसी की अच्छी परफॉर्मेंस भी जॉब मार्केट के लिए अच्छा संकेत है।

भौगोलिक दृष्टि से भर्ती में इस बढ़ोतरी की अगुवाई पुणे ने की, जहां 23 प्रतिशत से ज्यादा की बढ़त रही। इसके बाद चेन्नई में 18 प्रतिशत, बेंगलुरु में 17 प्रतिशत और अहमदाबाद में 16 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। इससे साफ है कि दक्षिण भारत के बड़े शहरों के साथ-साथ पश्चिमी भारत के उभरते बाजार भी मजबूत योगदान दे रहे हैं।

–आईएएनएस

डीबीपी/


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