मुख्यमंत्री योगी ने केंद्र बजट को बताया ‘कर्तव्य, विकास और आत्मगौरव’ का दस्तावेज


लखनऊ, 2 फरवरी (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने केंद्र सरकार के वर्ष 2026-27 के बजट को नए भारत और नए उत्तर प्रदेश की दिशा तय करने वाला दस्तावेज़ करार दिया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज देश का नागरिक गरीबी रेखा से ऊपर उठकर आत्मगौरव के साथ भारत की प्रगति में योगदान दे रहा है और दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की ओर बढ़ता भारत हर भारतीय के लिए गर्व का विषय है। यह सब स्पष्ट नीति, साफ नीयत और मजबूत नेतृत्व का परिणाम है। राजधानी लखनऊ में सोमवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने केंद्रीय बजट पर प्रेस वार्ता की। इस दौरान उन्होंने बजट से यूपी के लिए संभावनाओं पर चर्चा की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले 11 वर्षों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘नेशन फर्स्ट’ की भावना के साथ शासन किया है। उन्होंने याद दिलाया कि 26 नवंबर 2015 को संविधान दिवस घोषित करते हुए प्रधानमंत्री ने देश को अधिकारों के साथ-साथ कर्तव्यों की याद दिलाई थी। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पहला बजट है जो कर्तव्य भवन से प्रस्तुत हुआ और जो नागरिकों में राष्ट्र के प्रति दायित्व और भविष्य की जिम्मेदारी का बोध कराता है।

उन्होंने बजट को युवा-शक्ति संचालित, वंचित-केंद्रित और समावेशी विकास का आधार बताते हुए कहा कि किसान, युवा, महिला और गरीब—चारों वर्ग इस बजट के केंद्र में हैं। वित्तीय अनुशासन, विकास और विश्वास—तीनों को एक सूत्र में पिरोकर यह बजट आने वाली पीढ़ियों के लिए सुदृढ़ भारत की नींव रखता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि देश की सबसे बड़ी आबादी वाले राज्य उत्तर प्रदेश की आकांक्षाओं की पूर्ति के लिए बजट में नई संभावनाओं के द्वार खुले हैं। एमएसएमई सेक्टर के लिए ₹10 हजार करोड़ के विशेष फंड को उन्होंने प्रदेश के लिए बेहद अहम बताया।

उन्होंने कहा कि देश की सबसे अधिक, करीब 96 लाख एमएसएमई इकाइयां उत्तर प्रदेश में हैं, जिनसे तीन करोड़ से अधिक लोग जुड़े हैं। एक जिला एक उत्पाद योजना को नई तकनीक, प्रशिक्षण, पैकेजिंग और निर्यात से जोड़ने में यह फंड मील का पत्थर साबित होगा। इंफ्रास्ट्रक्चर पर ₹20 हजार करोड़ के प्रावधान, नए रेलवे कॉरिडोर, ईस्टर्न और वेस्टर्न फ्रेट कॉरिडोर, हाई-स्पीड रेल, एक्सप्रेसवे, देश का पहला इनलैंड वाटरवे (वाराणसी-हल्दिया) और मल्टी-मॉडल लॉजिस्टिक हब को मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश की आर्थिक रफ्तार बढ़ाने वाला बताया।

उन्होंने कहा कि वाटरवे से ट्रांसपोर्ट लागत घटेगी और उद्योगों को नई मजबूती मिलेगी। बायो-फार्मा, मेडिकल डिवाइस पार्क, डेटा सेंटर हब और सेमीकंडक्टर पार्क की घोषणाओं पर मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश पहले से ही इस दिशा में होमवर्क कर चुका है। ललितपुर में बल्क ड्रग पार्क, गौतमबुद्धनगर में मेडिकल डिवाइस पार्क और प्रदेश में 700 मेगावाट क्षमता के डेटा सेंटर इसकी मिसाल हैं। भारत को ग्लोबल फार्मा और डेटा हब बनाने की दिशा में यह बजट निर्णायक है।

ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर बोलते हुए मुख्यमंत्री ने महात्मा गांधी ग्राम स्वराज योजना को उत्तर प्रदेश के लिए अत्यंत लाभकारी बताया। उन्होंने कहा कि प्रदेश में 1.05 लाख से अधिक राजस्व गांव हैं और ग्रामीण उत्पादों को वैश्विक बाजार से जोड़ने में यह योजना कारीगरों, स्वयं सहायता समूहों और ग्रामीण एमएसएमई को नई ताकत देगी। महिलाओं के सशक्तीकरण को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि हर जनपद में कामकाजी महिलाओं के लिए हॉस्टल की घोषणा ऐतिहासिक है। इससे महिला कार्यबल को सुरक्षित आवास मिलेगा और उनकी भागीदारी और बढ़ेगी।

उन्होंने बताया कि पिछले वर्षों में उत्तर प्रदेश में महिला कार्यबल की भागीदारी 12-13 प्रतिशत से बढ़कर 36 प्रतिशत तक पहुंची है। पर्यटन को लेकर मुख्यमंत्री ने प्रयागराज महाकुंभ, काशी, अयोध्या, मथुरा-वृंदावन और बौद्ध सर्किट का उल्लेख करते हुए कहा कि बेहतर सुविधा और सुरक्षा से उत्तर प्रदेश करोड़ों श्रद्धालुओं और पर्यटकों का केंद्र बन रहा है। 15 पुरातात्विक स्थलों के विकास की घोषणा से पर्यटन को नई गति मिलेगी, जिनमें सारनाथ और हस्तिनापुर जैसे महत्वपूर्ण स्थल शामिल हैं। स्वास्थ्य क्षेत्र में जिला अस्पतालों की क्षमता दोगुनी करने, हर जनपद में ट्रॉमा सेंटर और एक जिला-एक मेडिकल कॉलेज के लक्ष्य को मुख्यमंत्री ने आम जनता के लिए बड़ी राहत बताया।

उन्होंने कहा कि गोल्डन आवर में इलाज की सुविधा से असमय मौतों में कमी आएगी। खेल और रोजगार पर बोलते हुए मुख्यमंत्री ने ‘समर्थ’ योजना को खेल उद्योग और स्पोर्ट्स मैन्युफैक्चरिंग के लिए महत्वपूर्ण बताया। मेरठ, आगरा और कानपुर जैसे क्लस्टर उत्तर प्रदेश को खेल उत्पादों का बड़ा हब बनाएंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि वित्त आयोग की रिपोर्ट के अनुसार केंद्र करों में उत्तर प्रदेश को सबसे बड़ा हिस्सा मिलना प्रदेश की बड़ी आबादी और बढ़ती जिम्मेदारी का प्रमाण है। आयुष, मेडिकल टूरिज्म, कृषि-एआई प्लेटफॉर्म और स्वयं सहायता समूहों के लिए नए बाजार इस बजट की व्यापक सोच को दर्शाते हैं।

अंत में मुख्यमंत्री ने कहा कि यह बजट निवेश और विश्वास, सड़क और रफ्तार, पहचान और आत्मगौरव का प्रतीक है। लाखों युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा होंगे और उत्तर प्रदेश विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने में अग्रणी भूमिका निभाएगा। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय वित्त मंत्री के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इसी आधार पर फरवरी में उत्तर प्रदेश का बजट प्रस्तुत किया जाएगा।

–आईएएनएस

विकेटी/एएस


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