ओडिशा कांग्रेस अध्यक्ष ने केंद्रीय बजट की आलोचना करते हुए इसे जनविरोधी बताया


भुवनेश्वर, 1 फरवरी (आईएएनएस)। ओडिशा प्रदेश कांग्रेस कमेटी (ओपीसीसी) के अध्यक्ष भक्त चरण दास ने रविवार को संसद में पेश किए गए 2026-27 वित्तीय वर्ष के केंद्रीय बजट की कड़ी आलोचना करते हुए इसे जनविरोधी और दिशाहीन बताया।

मीडियाकर्मियों से बात करते हुए दास ने यह भी आरोप लगाया कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा संसद में पेश किया गया केंद्रीय बजट मुख्य रूप से मुट्ठी भर उद्योगपतियों को लाभ पहुंचाता है, जबकि किसानों, महिलाओं, युवाओं, गरीबों और मध्यम वर्ग की जरूरतों की अनदेखी करता है।

ओपीसीसी अध्यक्ष ने दावा किया कि केंद्रीय बजट 2026-27 कुछ पूंजीपतियों को लाभ और प्रोत्साहन प्रदान करता है, लेकिन व्यापक आबादी को असंतोषजनक और निराश छोड़ देता है।

उन्होंने आरोप लगाया कि बजट में शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा, रोजगार सृजन, कृषि और महिला कल्याण जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों की अनदेखी की गई है। पीसीसी प्रमुख ने बढ़ते राष्ट्रीय ऋण पर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार के कार्यकाल में हाल के वर्षों में देश ने अभूतपूर्व ऋण लिया है।

उन्होंने कहा कि जहां पूर्व की सरकारों ने सीमित ऋण लेकर राष्ट्र का निर्माण किया, वहीं वर्तमान सरकार ने लगभग 200 लाख करोड़ रुपए का भारी ऋण लिया है, जिसमें 2026-27 वित्तीय वर्ष में अनुमानित 17.2 लाख करोड़ रुपए का ऋण भी शामिल है। उन्होंने दावा किया कि यूपीए शासन के अंत तक देश का कुल ऋण 55 लाख करोड़ रुपए था। ओपीसीसी अध्यक्ष ने इस भारी ऋण को भारत की भावी पीढ़ियों पर बोझ बताया।

दास ने कहा कि ऋण का यह स्तर देश के 140 करोड़ नागरिकों और भारत के भविष्य पर हमला है। उन्होंने आगे कहा कि सार्वजनिक बचत में गिरावट आई है, जबकि उत्पादन और रोजगार के अवसर वादे के मुताबिक नहीं बढ़े हैं।

दास ने दावा किया कि घरेलू बचत में काफी गिरावट आई है और उन्होंने सरकार पर जन कल्याण की बजाय कॉरपोरेट विकास को प्राथमिकता देने का आरोप लगाया। उन्होंने आरोप लगाया कि यूपीए शासन के दौरान घरेलू बचत जीडीपी का 7.4 प्रतिशत थी, जो अब घटकर 5.3 प्रतिशत रह गई है।

–आईएएनएस

एमएस/


Show More
Back to top button