यूपी में गोकशी पर सख्ती, अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के आरोप बेबुनियाद: धर्मपाल सिंह


बरेली, 31 जनवरी (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री धर्मपाल सिंह ने शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती पर झूठ बोलने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार में गोवंश का संरक्षण प्राथमिकता है। 2017 में जब योगी आदित्यनाथ पहली बार सीएम बने थे, तभी निराश्रित गोवंश को संरक्षण देने का काम शुरू कर दिया था।

आईएएनएस से बातचीत में धर्मपाल सिंह ने कहा कि अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती झूठ बोल रहे हैं और उन्हें तथ्यों की जानकारी नहीं है। वे गोकशों के दबाव में उत्तर प्रदेश में भ्रम और अराजकता फैलाना चाहते हैं। यूपी में योगी सरकार बनते ही अवैध बूचड़खाने को बंद किया गया, और गोकशी पर रोक लगाई गई। अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती को इस बात की जानकारी ही नहीं है कि उत्तर प्रदेश में गोकशी और गोमांस पूरी तरह से प्रतिबंधित है।

मंत्री ने बताया कि उत्तर प्रदेश से सुअर, भैंस और बकरे का ही मांस निर्यात किया जाता है। उत्तर प्रदेश सरकार ने गौहत्या के प्रावधान को और अधिक सख्त कर प्रभावी भी किया है। हजारों बूचड़खाने बंद करवाए गए। पशु तस्करी पर कड़ी कार्रवाई की गई। गोकशी के मामले में एनएसए तक लगाया गया है।

उन्होंने कहा कि इससे जुड़े तमाम अपराधी आज जेल में बंद हैं। हमारा संदेश साफ है कि आस्था से खिलवाड़ नहीं चलेगा। अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के मामले में सरकार का रुख स्पष्ट है कि सरकार किसी को शंकराचार्य घोषित नहीं करती है। यह पद सरकार की नियुक्ति नहीं है। यह कोई संवैधानिक पद नहीं है। हमारी सरकार का मत है कि यह परंपरा और मठों का विषय है।

माघ महीने की अमावस्या के दिन प्रशासन से तनातनी के बाद शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती बिना स्नान किए वापस लौट चुके हैं। उनका कहना है कि प्रशासन ने उन्हें लालच दिया और स्नान के लिए विशेष एसओपी बनाने की बात कही, लेकिन उन्होंने इस प्रस्ताव को नकार दिया।

स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती का कहना है कि धर्म और भगवा के नाम पर लाखों हिंदुओं की भावना से खिलवाड़ किया जा रहा है। उन्होंने कहा, “स्नान का मुद्दा अब बीत चुका है। माघ माह आने पर इस पर चर्चा फिर शुरू होगी। अब सवाल नकली हिंदुओं को बेनकाब करने का है। देश के सभी हिंदुओं के साथ एक बड़ा धोखा हो रहा है। इस धोखे को अंजाम देने वाले वे लोग और उनके समर्थक हैं, जो खुद को संत, योगी, आध्यात्मिक नेता और ईश्वर तुल्य बताते हैं।”

–आईएएनएस

एएमटी/वीसी


Show More
Back to top button