केंद्रीय बजट से चंडीगढ़ के व्यापारियों को बड़ी उम्मीदें, पेंशन और टैक्स राहत की मांग

चंडीगढ़, 31 जनवरी (आईएएनएस)। 1 फरवरी को देशभर के लोगों कि नजर केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण पर रहने वाली है। व्यापारी से लेकर एक आम आदमी को केंद्रीय बजट से काफी उम्मीद है।
केंद्रीय बजट को लेकर चंडीगढ़ में आईएएनएस ने कुछ लोगों के साथ बातचीत की। चंडीगढ़ व्यापार मंडल के अध्यक्ष संजीव चड्ढा ने बातचीत में कहा कि मेरा लगेज लेदर का काम है। देखिए, सरकार से व्यापारियों को उम्मीद होती है कि बजट छोटे दुकानदारों और कंपनियों को लाभ दे। छोटे दुकानदारों के लिए बजट अच्छा आना चाहिए।
व्यापारियों की रिटायरमेंट की कोई उम्र नहीं होती। वे लंबे समय तक काम करते हैं और इंसेक्योर फील करते हैं। ऐसी पॉलिसी बनना चाहिए कि 60 साल के बाद उन्हें भी पेंशन मिले, क्योंकि, छोटा व्यापारी सरकार को टैक्स जमा करवाता है। अगर टैक्स का कुछ पैसा उसे पेंशन के तौर पर मिले तो व्यापारी खुल कर सरकार को टैक्स जमा कराएगा।
उन्होंने कहा कि हमारे पास सर्विस सेक्टर में अभी 20 लाख की लिमिट है। जीएसटी के बाद इसे बढ़ाकर 40 लाख कर देना चाहिए, जिससे छोटे दुकानदारों को आसानी होगी। व्यापारी अर्थव्यवस्था की रीढ़ है। सरकार को छोटे व्यापारी टैक्स इकट्ठा करके देते हैं। सरकार से उम्मीद है कि इनकम टैक्स स्लैब में भी राहत मिलेगी।
व्यापारी नवदीप शर्मा ने कहा कि सरकार ‘मेड इन इंडिया’ की बात करती है, लेकिन अभी भी लोग इंटरनेशनल ब्रांड को पहनना पसंद करते हैं, जिससे हमारी सेल पर भी फर्क पड़ता है। अगर सरकार भारत में बने उत्पाद के लिए कुछ ऐसी पॉलिसी लाती है, जिससे लोग भारत में बने कपड़ों को खरीदते हैं तो सेल्स में फर्क पड़ता है। सेल्स की सर्कुलेशन भी बढ़ेगी। लेबर को भी ज्यादा काम मिलेगा।
उन्होंने कहा कि इनकम टैक्स स्लैब ऐसी होनी चाहिए जिसमें टैक्स छिपाने की मजबूरी न हो और खुलकर टैक्स दिखाए।
सुशील बंसल ने कहा कि मेरा कपड़े का कारोबार है। मेरा मानना है कि बजट फ्रेंडली होना चाहिए ताकि दुकानदार खुलकर काम कर सके। जीएसटी में टैक्स स्लैब नीचे की ओर हो। इनकम टैक्स स्लैब को बढ़ाकर 15 लाख कर देना चाहिए, इससे काफी लाभ होगा।
प्रीतम सिंह ने कहा कि बिजनेसमैन के लिए पॉलिसी बननी चाहिए कि एक व्यापारी बुजुर्ग होकर मर जाता है तो उसे पेंशन मिलनी चाहिए।
उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर में एक बिजनेसमैन ने कहा कि जैसे हर किसी की इच्छा होती है कि बजट आसान हो, वैसे ही पिछले साल के बजट में कुछ अच्छे कदम उठाए गए थे, जैसे इनकम टैक्स में छूट। अगर उन छूटों को बढ़ाया जा सके, तो उस दिशा में कदम उठाए जाने चाहिए।
एक अन्य बिजनेसमैन ने कहा कि बिजनेस कम्युनिटी की मुख्य मांग यह है कि सामान सस्ता होना चाहिए। महंगाई बहुत ज्यादा है और इसका एक बड़ा कारण ट्रांसपोर्टेशन कॉस्ट है। इसलिए पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स की कीमतें कम करना बहुत जरूरी है।
–आईएएनएस
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