सूरजकुंड मेला आत्मनिर्भर भारत और वसुधैव कुटुंबकम का जीवंत प्रतीक : उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन

फरीदाबाद, 31 जनवरी (आईएएनएस)। भारत के उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन ने शनिवार को हरियाणा के फरीदाबाद में 39वें सूरजकुंड अंतरराष्ट्रीय आत्मनिर्भर शिल्प मेले का भव्य उद्घाटन किया। यह मेला 31 जनवरी से 15 फरवरी तक चलेगा और इसमें भारत और 50 से अधिक देशों के शिल्पकार, कारीगर और कलाकार भाग ले रहे हैं। मेले की थीम ‘लोकल टू ग्लोबल – आत्मनिर्भर भारत’ है, जो स्थानीय शिल्प को वैश्विक मंच प्रदान करने पर केंद्रित है।
उद्घाटन समारोह में उपराष्ट्रपति ने कहा कि पिछले चार दशकों में सूरजकुंड मेला भारत की सांस्कृतिक आत्मा, कलात्मक उत्कृष्टता और सभ्यतागत निरंतरता का जीवंत प्रतीक बन गया है। उन्होंने इसे ‘वसुधैव कुटुंबकम’ के शाश्वत दर्शन का प्रतिबिंब बताया, जहां विश्व एक परिवार है। 30 से अधिक देशों की भागीदारी से यह मेला सांस्कृतिक सद्भाव और वैश्विक एकता को मजबूत करता है।
उपराष्ट्रपति ने शिल्पकारों को भारत की सभ्यतागत विरासत के संरक्षक करार दिया। उन्होंने कहा कि सदियों पुराने ज्ञान और परंपराओं को जीवित रखने वाले ये कारीगर आत्मनिर्भर अर्थव्यवस्था के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। प्रधानमंत्री विश्वकर्मा कौशल सम्मान योजना जैसी सरकारी पहलों का जिक्र करते हुए उन्होंने बताया कि ये योजनाएं कौशल विकास, बाजार पहुंच और आर्थिक सहायता प्रदान कर हस्तशिल्प क्षेत्र को सशक्त बना रही हैं।
इस वर्ष उत्तर प्रदेश और मेघालय को थीम राज्य बनाया गया है। उपराष्ट्रपति ने कहा कि उत्तर प्रदेश की वस्त्र, धातु शिल्प और कढ़ाई की समृद्ध विरासत और मेघालय के स्वदेशी शिल्प, जो प्रकृति के साथ सामंजस्य और सामुदायिक परंपराओं पर आधारित हैं, ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ की भावना को मूर्त रूप देते हैं। दोनों राज्य भारत की विविधता में एकता का सुंदर उदाहरण प्रस्तुत करते हैं।
साझेदार देश मिस्र का हार्दिक स्वागत करते हुए उपराष्ट्रपति ने कहा कि मिस्र की प्राचीन सभ्यता और कलात्मक परंपराएं भारत की ऐतिहासिक यात्रा से गहराई से जुड़ी हैं। उन्होंने मिस्र पवेलियन का दौरा किया और वहां प्रदर्शित शिल्पों की सराहना की। उन्होंने सांस्कृतिक कूटनीति के माध्यम से जन-जन संबंधों को मजबूत करने पर बल दिया।
कार्यक्रम में उपराष्ट्रपति ने ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ थीम पर आधारित जीवंत सांस्कृतिक प्रस्तुतियों की प्रशंसा की, जो बहुलतावादी भावना और सांस्कृतिक सद्भाव को दर्शाती हैं। उन्होंने मेले के अनुभव को बेहतर बनाने के लिए ‘मेला साथी’ मोबाइल ऐप भी लॉन्च किया, जो आगंतुकों को जानकारी और सुविधा प्रदान करेगा। उपराष्ट्रपति ने सूरजकुंड मेला प्राधिकरण, पर्यटन मंत्रालय, संस्कृति मंत्रालय, वस्त्र मंत्रालय, विदेश मंत्रालय और हरियाणा सरकार के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने आगंतुकों से शिल्पकारों को सीधे सहयोग देने और भारत की जीवंत विरासत को संरक्षित करने का आह्वान किया।
इस अवसर पर हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी, केंद्रीय सहकारिता राज्य मंत्री कृष्ण पाल गुर्जर, हरियाणा के मंत्री डॉ. अरविंद कुमार शर्मा, विपुल गोयल, राजेश नागर, गौरव गौतम, मिस्र के राजदूत कामेल जायद गलाल, विधायक और अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
–आईएएनएस
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