केंद्रीय बजट 2026 से व्यापारी और आम जनता को बड़ी उम्मीदें, महंगाई और टैक्स राहत पर नजर


नई दिल्ली, 31 जनवरी (आईएएनएस)। 1 फरवरी को पेश होने वाले केंद्रीय बजट 2026 को लेकर व्यापारी वर्ग से लेकर आम जनता तक में खासा उत्साह और उम्मीदें हैं। जहां एक ओर समाज के कमजोर और वंचित वर्ग को सशक्त बनाने की उम्मीदें जताई जा रही है, वहीं दूसरी ओर महंगाई, टैक्स सरलीकरण और व्यापार को राहत देने जैसे मुद्दे प्रमुख रूप से सामने आ रहे हैं।

केंद्रीय बजट 2026 पर प्रतिक्रिया देते हुए भाजपा सांसद अतुल गर्ग ने आईएएनएस से बातचीत में कहा कि भारतीय जनता पार्टी का मूल विचार पंडित दीन दयाल उपाध्याय के सिद्धांतों से प्रेरित है, जिसमें समाज के सबसे निचले तबके के लोगों को सशक्त बनाना सर्वोच्च प्राथमिकता रही है। उन्होंने कहा कि पिछले दस वर्षों के बजट इसी सोच के तहत तैयार किए गए हैं और आगामी बजट भी इसी दिशा में एक कदम आगे होगा। अतुल गर्ग ने इसे ‘दीन दयाल उपाध्याय के सपनों का बजट’ बताते हुए कहा कि यह पिछले बजट से भी बेहतर होगा।

बुलंदशहर, उत्तर प्रदेश से संयुक्त उद्योग व्यापार मंडल के जिला महामंत्री असीम विनोद ने कहा कि व्यापारी वर्ग की सबसे बड़ी अपेक्षा महंगाई में कमी को लेकर है। उन्होंने कहा कि महंगाई की एक बड़ी वजह ट्रांसपोर्टेशन लागत है, इसलिए पेट्रोलियम उत्पादों की कीमतों में कमी बेहद जरूरी है। उन्होंने इथेनॉल मिश्रण नीति पर सवाल उठाते हुए कहा कि इथेनॉल पेट्रोल से महंगा होने के बावजूद पेट्रोल में मिलाया जा रहा है, जिससे कीमतों पर असर पड़ता है। उन्होंने सरकार से इस नीति की समीक्षा करने की मांग की।

इसके साथ ही संयुक्त व्यापार मंडल के प्रदेश अध्यक्ष नीरज जिंदल ने कहा कि पिछले बजट में इनकम टैक्स में जो छूट दी गई थी, उसे इस बार और बढ़ाया जाना चाहिए। साथ ही उन्होंने जीएसटी में जारी विसंगतियों को दूर करने और कर प्रणाली को सरल बनाने की आवश्यकता पर जोर दिया। उनका कहना था कि जीएसटी का सरलीकरण व्यापारियों के हित में अत्यंत आवश्यक है।

सूरत स्थित ड्रीम हॉलिडेज के प्रबंध निदेशक मिनेश नायक ने कहा कि होटल, रेस्टोरेंट और हॉस्पिटैलिटी सेक्टर से जुड़े उत्पादों और सेवाओं पर टैक्स कम किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में यह सेक्टर तेजी से बढ़ रहा है और यदि बजट में टैक्स राहत दी जाती है तो इससे रोजगार और आर्थिक गतिविधियों को और गति मिलेगी।

वहीं सूरत स्थित एक्सप्रेशन इवेंट्स के प्रबंध निदेशक दीक्षित त्रिवेदी ने कहा कि इस बजट में जीएसटी दरों में बदलाव और करों में कटौती की जरूरत है। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों के लिए टीसीएस कम करने, शहरों की कनेक्टिविटी सुधारने और एयरलाइंस किराए घटाने की भी मांग की, ताकि पर्यटन और इवेंट इंडस्ट्री को बढ़ावा मिल सके।

बजट को लेकर आम जनता ने भी बड़ी उम्मीदें जताई हैं। बिहार के नवादा जिले के एक निवासी ने कहा कि इस बजट में आम आदमी को राहत मिलनी चाहिए। उन्होंने कहा कि खाने-पीने की वस्तुओं की कीमतों पर नियंत्रण और महंगाई कम करने के उपायों से निचले और मध्यम वर्ग को सीधा फायदा मिलेगा।

–आईएएनएस

डीबीपी/


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