मनी लॉन्ड्रिंग केस: जेपी इन्फ्राटेक के पूर्व एमडी मनोज गौड़ की नियमित जमानत याचिका पर सुनवाई टली, अगली तारीख 2 फरवरी


नई दिल्ली, 31 जनवरी (आईएएनएस)। पटियाला हाउस कोर्ट में शनिवार को मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में गिरफ्तार जेपी इन्फ्राटेक के पूर्व मैनेजिंग डायरेक्टर मनोज गौड़ की नियमित जमानत याचिका पर सुनवाई टल गई है। इस पर अगली सुनवाई 2 फरवरी को होगी। फिलहाल मनोज गौड़ उनकी मां की गंभीर बीमारी के चलते 14 दिन की अंतरिम जमानत पर हैं।

निचली अदालत में सुनवाई के दौरान मनोज गौड़ की तरफ से वरिष्ठ वकील सिद्धार्थ लूथरा ने कोर्ट को बताया था कि उनकी मां उम्रदराज हैं, उन्हें डायलिसिस की जरूरत है और कई गंभीर बीमारियों से ग्रसित हैं। मां की देखभाल के लिए जमानत की मांग पर कोर्ट ने उन्हें 14 दिन की अंतरिम जमानत दे दी थी।

मनोज गौड़ को ईडी ने 13 नवंबर 2025 को प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (पीएमएलए) के तहत गिरफ्तार किया था। उन पर आरोप है कि उन्होंने आवासीय परियोजनाओं के लिए घर खरीदारों से जो पैसे लिए, उनका इस्तेमाल केवल निर्माण में नहीं किया और इसे अन्य कामों में लगाया। इसके चलते कई परियोजनाएं अधूरी रह गईं और खरीदारों के साथ धोखाधड़ी हुई। जांच के दौरान ईडी का दावा है कि इस हेराफेरी का दायरा 12,000 करोड़ रुपए से ज्यादा है।

गौरतलब है कि ईडी ने मई 2025 में मनोज गौड़ की कई कंपनियों के 15 परिसरों पर छापेमारी की थी। इसमें जेपी इन्फ्राटेक लिमिटेड, जयप्रकाश एसोसिएट्स लिमिटेड और अन्य कंपनियां शामिल थीं। इस दौरान अधिकारियों ने 1.7 करोड़ रुपए जब्त किए और साथ ही वित्तीय रिकॉर्ड, डिजिटल डाटा और कंपनियों, परिवार और प्रमोटर्स के नाम पर पंजीकृत संपत्तियों को सीज कर लिया।

यह कार्रवाई दिल्ली, मुंबई, नोएडा और गाजियाबाद में पीएमएलए के तहत चल रही जांच का हिस्सा थी। फिलहाल मनोज गौड़ जमानत पर हैं, लेकिन उनकी नियमित जमानत याचिका पर कोर्ट का फैसला अभी लंबित है। 2 फरवरी को होने वाली सुनवाई में कोर्ट तय करेगी कि उन्हें आगे और लंबे समय तक जमानत दी जाए या नहीं।

–आईएएनएस

पीआईएम/वीसी


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