भारत-ईयू एफटीए बड़ा गेम चेंजर, अगले तीन वर्षों में बदल जाएगा कपड़ा और परिधान क्षेत्र का नक्शा : इंडस्ट्री


मुंबई, 29 जनवरी (आईएएनएस)। भारत-यूरोपीय संघ (ईयू) ट्रेड डील देश के कपड़ा और परिधान क्षेत्र के लिए एक बड़ा गेम चेंजर समझौता है। इससे अगले दो से तीन वर्षों में उद्योग का पूरा नक्शा बदल जाएगा। यह जानकारी इंडस्ट्री से जुड़े लोगों ने गुरुवार को दी।

समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत करते हुए एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल के चेयरमैन प्रेमल उदानी ने कहा कि यह समझौता देश के कपड़ा और परिधान उद्योगों के लिए एक बड़ा गेम चेंजर साबित होगा। इससे अगले दो-तीन वर्षों में टेक्सटाइल इंडस्ट्री का नक्शा बदल जाएगा। इससे कपड़ा और परिधान का 30-40 प्रतिशत अगले दो वर्षों में ही बढ़ जाना चाहिए।

उन्होंने आगे कहा कि इस डील से यूरोप में भारतीय कपड़े और परिधान पर लगने वाली 11 प्रतिशत की ड्यूटी तुरंत समाप्त हो जाएगी। इससे देश की प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता बढ़ेगी। इससे हम बांग्लादेश जैसे देशों को यूरोपीय बाजार में कड़ी टक्कर दे पाएंगे।

एईपीसी के सदस्य रामू आर ने कहा कि इस समझौते से देश को बड़े स्तर पर लाभ होगा। बड़ी संख्या में रोजगार सृजित होंगे। तिरुपुर जैसे निर्यातक क्षेत्र को एक लाख करोड़ रुपए के निर्यात का लक्ष्य पाने में मदद मिलेगी।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को भारत-यूरोपीय संघ (ईयू) के बीच फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (एफटीए) का ऐलान किया था। इस दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि यह एफटीए केवल एक व्यापारिक समझौता नहीं है, बल्कि साझा समृद्धि का नया ब्लूप्रिंट है।

प्रधानमंत्री मोदी ने आगे कहा कि इस एफटीए में ईयू के 27 देश शामिल हैं। साथ ही इसे भारत के इतिहास का सबसे बड़ा फ्री ट्रेड एग्रीमेंट बताया।

प्रधानमंत्री मोदी के मुताबिक, यह ऐतिहासिक समझौता हमारे किसानों और हमारे छोटे उद्योगों के लिए यूरोपीय मार्केट तक पहुंच को आसान बनाएगा, मैन्युफैक्चरिंग में नए अवसर पैदा करेगा और हमारे सर्विसेज सेक्टर के बीच सहयोग को और मजबूत करेगा।

इसके अलावा, यह एफटीए भारत और यूरोपीय संघ के बीच निवेश को बढ़ावा देगा, नए नवाचार साझेदारियों को प्रोत्साहित करेगा और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं को मजबूत करेगा। यह समझौता केवल व्यापार तक सीमित नहीं है, बल्कि यह साझा समृद्धि का खाका प्रस्तुत करता है।

–आईएएनएस

एबीएस/


Show More
Back to top button