वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण लगातार नौवीं बार बजट पेश करेंगी, पीएम मोदी बोले-यह संसदीय इतिहास का गौरवपूर्ण क्षण


नई दिल्ली, 29 जनवरी (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को कहा कि निर्मला सीतारमण देश की संसदीय इतिहास में लगातार नौवीं बार केंद्रीय बजट पेश करने वाली पहली महिला बन गई हैं। इसे उन्होंने एक ऐतिहासिक उपलब्धि बताया।

संसद में आर्थिक सर्वेक्षण 2026 पेश होने से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मीडिया को ब्रीफिंग देते हुए कहा कि 21वीं सदी का एक चौथाई हिस्सा बीत चुका है। यह दूसरे चौथाई का प्रारंभ हो रहा है। 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को पाने के लिए अगले 25 साल बहुत अहम हैं और इस सदी के दूसरे चरण का पहला बजट अब पेश होने जा रहा है।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि निर्मला सीतारमण देश की पहली महिला वित्त मंत्री हैं, जिन्होंने संसद में लगातार नौ बार बजट पेश किया है। उन्होंने इसे देश के संसदीय इतिहास का गर्व का क्षण बताया।

निर्मला सीतारमण 1 फरवरी को मोदी सरकार का 15वां बजट पेश करेंगी। यह 2024 में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) की लगातार तीसरी बार सत्ता में वापसी के बाद दूसरा पूर्ण बजट भी होगा।

केंद्रीय बजट 2026 के लिए वित्त मंत्री के साथ अनुभवी अफसरों और अर्थशास्त्रियों की एक मजबूत टीम काम कर रही है, जिसमें कई नए चेहरे भी शामिल हैं।

आर्थिक मामलों की सचिव अनुराधा ठाकुर को बजट की पूरी रूपरेखा तैयार करने में अहम भूमिका निभाने वाला माना जा रहा है। वह बजट डिवीजन का नेतृत्व करती हैं, जो मुख्य दस्तावेज तैयार करता है और वित्त वर्ष 2026-27 के लिए आर्थिक रणनीति बनाता है। उनकी जिम्मेदारी संसाधनों का सही बंटवारा करना, सरकारी खर्च की सीमा तय करना और विकास व आर्थिक स्थिरता में संतुलन बनाए रखना है।

मुख्य आर्थिक सलाहकार वी. अनंत नागेश्वरन बजट के लिए आर्थिक विश्लेषण उपलब्ध कराते हैं। उनका कार्यालय वैश्विक जोखिमों का आकलन करता है, आर्थिक वृद्धि का अनुमान लगाता है और कृषि, उद्योग व सेवा क्षेत्रों के रुझानों का अध्ययन करता है। साथ ही वह बड़े सुधारों, वित्तीय नीतियों और लंबी अवधि की आर्थिक योजना पर वित्त मंत्री को सलाह देते हैं।

राजस्व सचिव अरविंद श्रीवास्तव प्रत्यक्ष करों जैसे आयकर और कॉरपोरेट टैक्स के साथ-साथ अप्रत्यक्ष करों जैसे जीएसटी और सीमा शुल्क की देखरेख करते हैं। बजट 2026-27 उनके लिए राजस्व सचिव के रूप में पहला बजट होगा।

व्यय सचिव वुमलुनमंग वुअलनाम सरकारी खर्च, सब्सिडी सुधार और प्रमुख केंद्रीय योजनाओं के क्रियान्वयन की जिम्मेदारी संभालते हैं। उनका विभाग वित्तीय अनुशासन बनाए रखने और राजकोषीय घाटे को नियंत्रित करने में अहम भूमिका निभाता है।

वित्तीय सेवा विभाग के सचिव एम. नागराजू सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों, बीमा कंपनियों और पेंशन संस्थानों की निगरानी करते हैं। उनका विभाग वित्तीय समावेशन बढ़ाने, कर्ज की पहुंच आसान बनाने और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं को मजबूत करने पर काम करता है।

निवेश और सार्वजनिक संपत्ति प्रबंधन विभाग के सचिव अरुणिश चावला सरकारी कंपनियों में हिस्सेदारी बेचकर मिलने वाली गैर-कर आय के लक्ष्यों को संभालते हैं। उनकी जिम्मेदारी केंद्र सरकार की संपत्तियों के बेहतर प्रबंधन की है।

–आईएएनएस

डीबीपी/वीसी


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