पाकिस्तान में ट्रांसजेंडर समुदाय पर हिंसा में तेजी से वृद्धि: रिपोर्ट

लंदन, 28 जनवरी (आईएएनएस)। एक रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि पाकिस्तान में ट्रांसजेंडर समुदाय के खिलाफ हिंसा में चिंताजनक बढ़ोतरी हुई है। हालिया घटनाओं में ट्रांसजेंडर अधिकार कार्यकर्ता बिंदिया राणा पर उनके ही घर में हुए गोलीबारी के हमले ने हालात की गंभीरता को और उजागर कर दिया है।
रिपोर्ट के मुताबिक, यह हमला उस समय हुआ जब बिंदिया राणा अपने घर पर चाय पी रही थीं और उनके साथ ज़ेहरिश खनज़ादी भी मौजूद थीं, जो ट्रांसजेंडर अधिकारों के लिए काम करने वाली संस्था जेंडर एलायंस इंटरएक्टिव से जुड़ी हैं। जैसे ही राणा ने रसोई से रिमोट के जरिए दरवाज़ा खोला, कुछ ही सेकंड में तीन गोलियों की आवाज़ सुनाई दी। हमलावर मौके से फरार हो गए और राणा बाल-बाल बच गईं।
ब्रिटेन के प्रमुख अख़बार द गार्जियन के हवाले से ज़ेहरिश खनज़ादी ने कहा, “दरवाज़ा खुलते ही तीन गोलियां चलीं। हमलावर भाग निकले और राणा तीनों गोलियों से बच गईं।”
बिंदिया राणा जेंडर एलायंस इंटरएक्टिव की प्रमुख हैं, जबकि ज़ेहरिश खनज़ादी वहां अधिकार कार्यकर्ता के तौर पर काम करती हैं। खनज़ादी ने बताया कि अगली सुबह उन्होंने अज्ञात हमलावरों के खिलाफ पुलिस में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने कहा कि वह लंबे समय से पाकिस्तान में ट्रांस समुदाय के सामने मौजूद खतरों से वाकिफ थीं, लेकिन कराची में अपने ही घर में इस तरह निशाना बनाए जाने की उम्मीद नहीं थी।
उन्होंने कहा, “जो दूसरों की रक्षा करते हैं, वही अब खुद हमलों का शिकार हो रहे हैं।”
19 जनवरी को हुई यह गोलीबारी पाकिस्तान में ट्रांसजेंडर लोगों पर हो रहे लगातार हमलों और हत्याओं की कड़ी का ताज़ा मामला है। सितंबर में कराची के सी व्यू बीच पर भीख मांगने गई नादिरा नामक एक ट्रांस महिला पर चाकू से हमला किया गया था, क्योंकि उसने एक व्यक्ति के पास आने से इनकार कर दिया था।
नादिरा ने बताया, “मैंने उससे कहा कि मैं भिखारी हूं, सेक्स वर्कर नहीं, लेकिन वह नहीं माना।” नादिरा एचआईवी पॉजिटिव हैं। हमले के दौरान उन्होंने अपने बैग में रखे 2,500 पाकिस्तानी रुपये बचा लिए, लेकिन हमलावर ने उनके पेट में चाकू मार दिया। इसके दो दिन बाद कराची के बाहरी इलाके में तीन ट्रांस महिलाओं को बेहद करीब से गोली मार दी गई।
द गार्जियन के अनुसार, पाकिस्तान में ट्रांसजेंडर समुदाय के खिलाफ हिंसा तेजी से बढ़ी है। जेंडर एलायंस इंटरएक्टिव ने 2022 से सितंबर 2025 के बीच सिंध प्रांत में 55 हत्याओं का दस्तावेजीकरण किया है, जिनमें से 17 हत्याएं कराची में हुईं।
वहीं, खैबर पख्तूनख्वा (केपी) के कई जिलों में स्थानीय बुज़ुर्गों द्वारा ट्रांस महिलाओं को “युवाओं को भ्रष्ट करने” का आरोप लगाकर इलाके छोड़ने के आदेश दिए जाने की घटनाएं सामने आई हैं। सितंबर में स्वाबी में आयोजित एक डांस कार्यक्रम के दौरान करीब 200 लोगों को गिरफ्तार किया गया, जिनमें चार ट्रांसजेंडर भी शामिल थे।
–आईएएनएस
डीएससी