सीतामढ़ी में केंद्रीय बजट को लेकर बढ़ी उम्मीदें, इस साल आम लोगों को राहत की आस

सीतामढ़ी, 28 जनवरी (आईएएनएस)। संसद के बजट सत्र 2026 की शुरुआत के साथ ही सीतामढ़ी में आम नागरिकों, शिक्षाविदों और अर्थशास्त्रियों की उम्मीदें बढ़ गई हैं। लोग इस बार के केंद्रीय बजट से महंगाई पर काबू, शिक्षा और स्वास्थ्य में सुधार, रोजगार के नए अवसर और मध्यम वर्ग को राहत मिलने की उम्मीद कर रहे हैं।
आनंद कुमार ने आईएएनएस से कहा कि इस बार का बजट मध्यम वर्ग के लिए खास होना चाहिए। सरकार को स्वास्थ्य, शिक्षा और मूलभूत सुविधाओं पर ज्यादा ध्यान देना चाहिए ताकि आम लोगों को सीधा फायदा हो।
वहीं, प्रमिला देवी ने बजट को लेकर अपनी बेसब्री जाहिर की। उन्होंने कहा, “हम लोग बहुत इंतजार कर रहे हैं कि इस बार क्या खास होगा। हर तरफ महंगाई की मार है। उम्मीद है कि इस बार बजट से इससे कुछ राहत मिलेगी। आम लोगों के लिए जो जरूरी सुविधाएं हैं, उनके लिए यह बजट खास होना चाहिए और साधारण वर्ग को ज्यादा लाभ मिलना चाहिए।”
प्रोफेसर डॉ. अपर्णा कुमारी ने उच्च शिक्षा से जुड़ी मांगों को सामने रखा। उन्होंने कहा कि शिक्षकों की सैलरी को नियमित किया जाना चाहिए और वेतन से कटने वाले टैक्स पर मिलने वाली स्टैंडर्ड डिडक्शन की सीमा बढ़ाई जानी चाहिए। साथ ही, टैक्स छूट के दायरे को भी बढ़ाने की जरूरत है, ताकि मध्यम वर्ग के शैक्षणिक कर्मचारियों को राहत मिल सके।
उन्होंने यह भी कहा कि सरकार को उच्च शिक्षा के लिए पहले की तरह संसाधन बढ़ाने चाहिए, जिसमें अकादमिक जर्नल्स और कॉलेजों के बुनियादी ढांचे के लिए राशि शामिल हो।
अर्थशास्त्री प्रोफेसर प्रभात कुमार ने उम्मीद जताई कि इस बार का बजट सभी वर्गों का ध्यान रखेगा। उन्होंने कहा, “सरकार ने पहले कहा था कि जीडीपी का 6 प्रतिशत हिस्सा नई शिक्षा नीति 2020 के लिए दिया जाएगा। हमें उम्मीद है कि इस बार यह वादा पूरा होगा।”
उन्होंने आगे कहा कि कृषि क्षेत्र में नई तकनीक को जोड़ने की जरूरत है, जिससे उत्पादन और उत्पादकता बढ़ सके। साथ ही, बढ़ती बेरोजगारी को लेकर भी सरकार से ठोस कदम उठाने की उम्मीद है।
–आईएएनएस
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