भारत-ईयू ट्रेड एफटीए से महाराष्ट्र को फायदा होगा : सीएम फडणवीस

मुंबई, 27 जनवरी (आईएएनएस)। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मंगलवार को कहा कि ऐतिहासिक भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते से महाराष्ट्र को काफी फायदा होगा।
सीएम फडणवीस ने कहा कि टेक्सटाइल और कपड़ों, इंजीनियरिंग सामान, फार्मास्यूटिकल्स, केमिकल्स, मेडिकल डिवाइस, ऑटोमोबाइल और ऑटो कंपोनेंट्स, बेस मेटल्स, इलेक्ट्रॉनिक्स, रत्न और आभूषण जैसे प्रमुख सेक्टरों में तेज ग्रोथ, बेहतर कॉम्पिटिशन और ग्लोबल मार्केट तक ज्यादा पहुंच की उम्मीद है। इसके अलावा, किसानों को भी इससे काफी फायदा होगा।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा, “भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत के ग्लोबल ट्रेड जुड़ाव में एक रणनीतिक सफलता है। ‘सभी व्यापार समझौतों की जननी’ कहे जाने वाले इस ऐतिहासिक समझौते से भारत 27 यूरोपीय देशों के साथ जुड़ गया है, जिनका कुल मिलाकर ग्लोबल जीडीपी में लगभग 25 प्रतिशत हिस्सा है। यह समझौता भारतीय एक्सपोर्ट के लिए अभूतपूर्व मार्केट एक्सेस खोलता है, जिसमें 99 प्रतिशत से ज्यादा भारतीय सामानों को यूरोपीय संघ में तरजीही एंट्री मिलेगी। नतीजतन, 6.41 लाख करोड़ रुपए के एक्सपोर्ट में बड़ी तेजी आने की उम्मीद है, खासकर टेक्सटाइल, चमड़ा, समुद्री उत्पाद और रत्न और आभूषण जैसे श्रम-प्रधान सेक्टरों में।”
इसके अलावा, भारत-ईयू एफटीए भारत के कृषि और प्रोसेस्ड फूड एक्सपोर्ट के लिए अनुकूल मार्केट एक्सेस खोलता है, जिससे किसानों और कृषि-वैल्यू चेन को महत्वपूर्ण फायदे मिलते हैं। उन्होंने कहा कि एक भविष्य के लिए तैयार मोबिलिटी फ्रेमवर्क कुशल और अर्ध-कुशल भारतीय प्रोफेशनल्स के लिए वैश्विक अवसरों का और विस्तार करता है, जिससे वैश्विक अर्थव्यवस्था में भारत की स्थिति मजबूत होती है।
मुख्यमंत्री ने कहा, “गहरे अंतरराष्ट्रीय आर्थिक सहयोग और लगातार व्यापार-आधारित विकास की दिशा में एक निर्णायक कदम, भारत-ईयू मुक्त व्यापार समझौता भारत की वैश्विक आर्थिक पहचान को मजबूत करता है, जबकि महाराष्ट्र को निर्यात-उन्मुख विकास के एक प्रमुख चालक के रूप में स्थापित करता है।”
भारत और यूरोपीय संघ के बीच एफटीए महाराष्ट्र सरकार द्वारा विश्व आर्थिक मंच (डब्ल्यूईएफ) शिखर सम्मेलन के दौरान 30 लाख करोड़ रुपए के निवेश प्रस्तावों के लिए एमओयू पर हस्ताक्षर करने के कुछ दिनों बाद आया है। इसके अलावा, सरकार ने 7 से 10 लाख करोड़ रुपए के एक और निवेश के लिए शुरुआती बातचीत की है, जिसके लिए सरकार अगले एक या दो महीने में एमओयू पर हस्ताक्षर करेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ये निवेश उद्योग, सेवाओं, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस डेटा सेंटर, क्वांटम कंप्यूटिंग, प्रौद्योगिकी, डेटा सेंटर, सेमीकंडक्टर, स्वास्थ्य सेवा, खाद्य प्रसंस्करण, नवीकरणीय ऊर्जा, हरित कौशल, ईवी, शहरी परिवर्तन, हरित इस्पात, जहाज निर्माण, स्थिरता, फिनटेक, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और कपड़ा क्षेत्रों से हैं।
उन्होंने बताया, “इन निवेशों में से 83 प्रतिशत प्रत्यक्ष विदेशी निवेश है, जबकि 16 प्रतिशत निवेश विदेशी संस्थाओं और विदेशी प्रौद्योगिकी के साथ है। इनमें से कुछ निवेश आयात प्रतिस्थापन के लिए हैं। ये एमओयू अमेरिका, ब्रिटेन, स्विट्जरलैंड, स्वीडन, सिंगापुर, जर्मनी, यूएई, नॉर्वे और कनाडा सहित 18 देशों की कंपनियों के साथ किए गए हैं।”
–आईएएनएस
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