श्रुति हासन : विरासत से नहीं, टैलेंट से बनीं सफल अभिनेत्री और गायिका


नई दिल्ली, 27 जनवरी (आईएएनएस)। भारतीय सिनेमा में कुछ नाम ऐसे हैं, जो सिर्फ अभिनय तक सीमित नहीं हैं। ये नाम अपनी बहुआयामी प्रतिभा से एक अलग पहचान बनाते हैं। 28 जनवरी को अपना जन्मदिन मनाने वालीं श्रुति कमल हासन ऐसी ही एक शख्सियत हैं। एक सफल अभिनेत्री, गायिका, संगीतकार और परफॉर्मर, जिनकी पहचान केवल एक स्टार किड के तौर पर नहीं, बल्कि एक मेहनती और टैलेंटेड आर्टिस्ट के रूप में बनी है।

1986 में जन्मीं श्रुति हासन, भारतीय सिनेमा के दिग्गज अभिनेता कमल हासन और मशहूर अभिनेत्री सारिका ठाकुर की बेटी हैं। हासन परिवार में जन्म लेने के बावजूद श्रुति ने अपनी राह खुद बनाई। वह न सिर्फ एक सफल अभिनेत्री हैं, बल्कि एक स्थापित गायिका और म्यूजिक कंपोजर भी हैं, जिन्होंने तमिल, तेलुगु और हिंदी सिनेमा में अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज कराई है।

श्रुति ने चेन्नई के एबाकस मोंटेसरी स्कूल में पढ़ाई की और दसवीं तक वहीं शिक्षा ग्रहण की। इसके बाद मुंबई के सेंट एंड्रयूज कॉलेज से साइकोलॉजी की पढ़ाई की। बचपन से ही उन्हें संगीत और सिनेमा में गहरी रुचि थी। इसी लगाव ने उन्हें आगे चलकर अमेरिका के कैलिफोर्निया स्थित म्यूजिशियंस इंस्टीट्यूट तक पहुंचाया, जहां उन्होंने संगीत की औपचारिक ट्रेनिंग ली।

महज छह साल की उम्र में श्रुति हासन ने अपने पिता की फिल्म थेवर मगन (1992) में पहला गाना गाया, जिसे इलैया राजा ने कंपोज किया था। इसके बाद स्कूल के दिनों में उन्होंने हिंदी फिल्म ‘चाची 420’ (1997) में भी गायन किया। साल 2000 में कमल हासन के निर्देशन में बनी फिल्म ‘हे राम’ में उन्होंने बाल कलाकार के रूप में अतिथि भूमिका निभाई और उसी फिल्म के लिए हिंदी और तमिल में टाइटल थीम ‘रामा रामा’ भी गाई।

एक अभिनेत्री के तौर पर श्रुति ने वयस्क भूमिका में डेब्यू 2009 में बॉलीवुड फिल्म ‘लक’ से किया। इसके बाद उन्होंने दक्षिण भारतीय सिनेमा की ओर रुख किया और यहीं से उनका करियर नई ऊंचाइयों पर पहुंचा।

श्रुति को असली पहचान तेलुगु फिल्म ‘अनागनगा ओ धीरुडु’ (2011) से मिली। इन फिल्मों में उनके अभिनय ने उन्हें फिल्मफेयर अवॉर्ड फॉर बेस्ट फीमेल डेब्यू साउथ दिलाया। इसके बाद उन्होंने कई सफल फिल्मों में काम किया। ‘रेस गुर्रम’ (2014) में दमदार भूमिका के लिए उन्हें फिल्मफेयर अवॉर्ड फॉर बेस्ट एक्ट्रेस तेलुगु मिला। कुल मिलाकर श्रुति के नाम तीन फिल्मफेयर अवॉर्ड्स सहित कई सम्मान दर्ज हैं।

हिंदी सिनेमा में श्रुति हासन ने ‘डी-डे’, ‘रामैया वस्तावैया’, ‘गब्बर इज बैक’, ‘वेलकम बैक’, ‘रॉकी हैंडसम’ जैसी फिल्मों में काम किया। जहां कुछ फिल्मों को समीक्षकों की सराहना मिली, वहीं कुछ बॉक्स ऑफिस पर सफल रहीं। अभिनय के साथ-साथ संगीत श्रुति हासन की पहचान का अहम हिस्सा है। वह एक स्थापित पार्श्व गायिका हैं। साल 2009 में उन्होंने अपने पिता के प्रोडक्शन ‘उन्नैपोल ओरुवन’ से बतौर म्यूजिक डायरेक्टर भी डेब्यू किया। इसके बाद उन्होंने अपना खुद का म्यूजिक भी तैयार किया और बैंड के जरिए अपनी अलग पहचान बनाई।

श्रुति हासन का सफर इस बात का प्रमाण है कि पहचान नाम से नहीं, काम से बनती है और सुर, स्क्रीन और संवेदनाओं का यह संगम अभी और भी लंबा चलना है।

–आईएएनएस

पीआईएम/एबीएम


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