भगत सिंह कोश्यारी को पद्म सम्‍मान देना सरकार का सराहनीय फैसला : संजय निरुपम


मुंबई, 26 जनवरी (आईएएनएस)। शिवसेना नेता संजय निरुपम ने महाराष्ट्र के पूर्व राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी को पद्म पुरस्कार से सम्मानित किए जाने का समर्थन करते हुए कहा कि यह भारत सरकार का पूरी तरह से सराहनीय और उचित फैसला है।

उन्होंने कहा कि राज्यपाल बनने से पहले भगत सिंह कोश्यारी एक लोकप्रिय जननेता रहे हैं, उत्तराखंड के मुख्यमंत्री रह चुके हैं और लंबे समय तक राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के स्वयंसेवक के रूप में काम किया है।

संजय निरुपम ने आईएएनएस से बातचीत के दौरान कहा कि कोश्यारी का जनता से गहरा जुड़ाव रहा है और सार्वजनिक जीवन में उनका योगदान उल्लेखनीय रहा है। कोश्यारी के राज्यपाल बनने के बाद शिवसेना (यूबीटी) को पीड़ा हुई थी, क्योंकि बतौर राज्यपाल जब भी उद्धव ठाकरे की पार्टी और कांग्रेस ने गैर-संवैधानिक तरीके से काम किया, तो कोश्यारी ने उस पर सवाल उठाए। यही एक राज्यपाल की संवैधानिक भूमिका होती है। निरुपम ने कोश्यारी को सच्चा देशभक्त बताते हुए कहा कि वह देश के किसी भी महापुरुष का अपमान कर ही नहीं सकते। उन पर लगाए गए आरोप फर्जी थे और इस संबंध में मुंबई हाईकोर्ट में दायर मामले में अदालत ने भी स्पष्ट रूप से कहा था कि भगत सिंह कोश्यारी ने कभी किसी महापुरुष का अपमान नहीं किया।

संजय निरुपम ने गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के राष्ट्र के नाम संबोधन का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि यह एक स्थापित परंपरा है कि गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर राष्ट्रपति देश को संबोधित करती हैं और राष्ट्र से संवाद करती हैं। अपने भाषण में राष्ट्रपति ने ऑपरेशन सिंदूर पर जोर दिया, जो भारतीय सेना की एक बड़ी उपलब्धि रही है। ऑपरेशन सिंदूर हाल के वर्षों में भारत की सैन्य क्षमता का सबसे बड़ा प्रदर्शन था, जिसके तहत पाकिस्तानी आतंकवादियों के ठिकानों को पूरी तरह तबाह किया गया।

उन्होंने कहा कि तीनों सेनाओं की सबसे बड़ी ताकत यह है कि भारत अब रक्षा उपकरणों के उत्पादन में आत्मनिर्भर बनता जा रहा है। हाल के वर्षों में देश ने करीब 50 हजार करोड़ रुपए से अधिक के रक्षा उत्पादों का निर्यात किया है, जो इस बात का संकेत है कि भारत एक नई शक्ति के रूप में उभर रहा है।

कांग्रेस पर तीखा हमला बोलते हुए संजय निरुपम ने कहा कि कांग्रेस के पूर्व नेता शकील अहमद द्वारा पार्टी की अंदरूनी गिरावट पर सवाल उठाने के बाद, राहुल गांधी के समर्थन में पार्टी के नेता अलग-अलग तर्क दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि सच्चाई यह है कि कांग्रेस की गिरावट की जड़ें पार्टी के भीतर ही हैं। काबिल, प्रतिभाशाली और लोकप्रिय नेताओं को लगातार नजरअंदाज किया जाता है, जबकि चापलूसी करने वालों और खराब प्रदर्शन करने वाले नेताओं को पद और सम्मान दिए जाते हैं। इसी वजह से पार्टी के कई अच्छे नेता कांग्रेस छोड़कर चले गए हैं।

निरुपम ने आरोप लगाया कि जो लोग पार्टी में बचे हैं, वे चापलूसी के दम पर राहुल गांधी को खुश करने में लगे हैं और राहुल गांधी इसी सहारे पार्टी को दोबारा जीवित करने की कोशिश कर रहे हैं। राहुल गांधी लगभग सौ से अधिक चुनाव हार चुके हैं और अगर शकील अहमद जैसे नेताओं की बातों को गंभीरता से नहीं लिया गया, तो आने वाले समय में कांग्रेस को और भी चुनावी हार का सामना करना पड़ेगा।

–आईएएनएस

एएसएच/एबीएम


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