महाराष्ट्र भारत की अर्थव्यवस्था की रीढ़ बनेगा: मुख्यमंत्री फडणवीस

मुंबई, 26 जनवरी (आईएएनएस)। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने सोमवार को भारत के 77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर दृढ़ विश्वास व्यक्त किया कि राज्य राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था को गति देने वाली शक्ति बनने के लिए तैयार है।
दादर स्थित छत्रपति शिवाजी महाराज मैदान में आयोजित मुख्य समारोह में राज्य को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि महाराष्ट्र की प्रगति संवैधानिक मूल्यों और लोकतांत्रिक शक्ति पर आधारित है।
राज्य की हालिया आर्थिक उपलब्धियों पर प्रकाश डालते हुए फडणवीस ने कहा कि भारत तेजी से विश्व की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की ओर अग्रसर है।
उन्होंने कहा कि दावोस में हाल ही में संपन्न हुए विश्व आर्थिक मंच में महाराष्ट्र ने 30 लाख करोड़ रुपए के निवेश समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किए। आने वाले वर्षों में राज्य भारत की अर्थव्यवस्था की रीढ़ के रूप में और भी अधिक सक्षम होकर खड़ा होगा।
उन्होंने आगे कहा कि महाराष्ट्र संविधान द्वारा संचालित प्रगति की ओर निरंतर अग्रसर होकर “गतिशील और अजेय” बना रहेगा।
मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय तिरंगा फहराकर और भारत रत्न बीआर अंबेडकर को श्रद्धांजलि अर्पित करके समारोह का शुभारंभ किया। उन्होंने संविधान ड्राफ्टिंग कमेटी के अमूल्य योगदान के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता, समानता और बंधुत्व के मूल्य भारतीय संस्कृति में गहराई से समाहित हैं और संविधान में परिलक्षित होते हैं।
मुख्यमंत्री ने राज्य के लिए कई उपलब्धियों और भविष्य के लक्ष्यों की रूपरेखा प्रस्तुत की।
उन्होंने कहा कि कृषि एवं सिंचाई के क्षेत्र में, सरकार नदी-जोड़ परियोजनाओं के माध्यम से महाराष्ट्र को सूखा-मुक्त बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। इसके अतिरिक्त, राज्य सौर कृषि फीडर और सौर पंपों के मामले में देश में अग्रणी है।
आवास क्षेत्र में, प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में रिकॉर्ड 30 लाख घरों का निर्माण किया जा रहा है।
सामाजिक कल्याण के क्षेत्र में ‘लड़की बहन’ जैसी योजनाएं और किसानों के लिए मुफ्त बिजली जैसी योजनाएं समाज के हर वर्ग के समावेशी विकास के उद्देश्य से चलाई जा रही हैं। समारोह में भारतीय नौसेना के कमांडर पंकज बघेल के नेतृत्व में एक भव्य परेड का आयोजन किया गया।
–आईएएनएस
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