कैलिफोर्निया के कर्न काउंटी में पहले सिख अस्थायी जज ने शपथ ली


वॉशिंगटन, 26 जनवरी (आईएएनएस)। 32 साल के वकील नवराज राय को कैलिफोर्निया के कर्न काउंटी में पहले सिख जज प्रो टेम्पोर के रूप में शपथ दिलाई गई है। यह स्थानीय सिख समुदाय और काउंटी की न्यायिक व्यवस्था के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है।

नवराज राय को पिछले सप्ताह कैलिफोर्निया के कर्न काउंटी में सुपीरियर कोर्ट के लिए जज प्रो टेम के रूप में शपथ दिलाई गई। वह काउंटी के इतिहास में इस पद पर पहुंचने वाले पहले सिख हैं।

जज प्रो टेम एक निजी वकील होता है, जिसे अदालत द्वारा कुछ विशेष मामलों की सुनवाई के लिए नियुक्त किया जाता है। यह व्यवस्था अदालतों में बढ़ते मामलों के बोझ को कम करने और मामलों के त्वरित निपटारे के लिए की जाती है।

राय ने बताया कि इस क्षण का महत्व उन्हें शपथ ग्रहण समारोह के दौरान समझ में आया। उन्होंने कहा कि जब उन्होंने देखा कि अदालत कक्ष लोगों से भर गया है, तभी उन्हें एहसास हुआ कि यह पल उनकी सोच से कहीं बड़ा है।

उन्होंने कहा कि उनकी प्राथमिकता जनता का भरोसा बनाए रखना होगा। राय के अनुसार, उन्हें सबसे ज्यादा उत्साह समुदाय के साथ संवाद करने और न्याय प्रणाली में लोगों के विश्वास को बनाए रखने से मिलता है। यह जानकारी स्थानीय समाचार चैनल केजीईटी के हवाले से दी गई।

राय कर्न काउंटी के अस्थायी न्यायाधीश कार्यक्रम में शामिल 23 वकीलों में से एक हैं। उनसे ट्रैफिक कोर्ट में काम शुरू करने की उम्मीद है।

बेकरसफील्ड की उप महापौर मनप्रीत कौर ने राय की नियुक्ति को सिख समुदाय के लिए गर्व का क्षण बताया। उन्होंने कहा कि वे राय के साथ मिडिल स्कूल में पढ़ चुकी हैं।

नवराज राय के माता-पिता भारतीय मूल के हैं। उनका जन्म लॉस एंजेलिस में हुआ था, जिसके बाद उनका परिवार बेकरसफील्ड आ गया।

उन्होंने स्टॉकडेल हाई स्कूल से पढ़ाई की और बाद में यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफोर्निया, डेविस से शिक्षा प्राप्त की। वर्ष 2018 में उन्होंने यूनिवर्सिटी ऑफ द पैसिफिक से कानून की डिग्री हासिल की।

राय ने कहा कि उनकी नियुक्ति को लेकर उन्हें दुनियाभर से जबरदस्त समर्थन मिला है। उनके अनुसार, अलग-अलग देशों से लोग उन्हें संदेश भेज रहे हैं और फोन कॉल कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि समारोह के दौरान उन्होंने समुदाय के लोगों का समर्थन देखकर गर्व महसूस हुआ। राय ने कहा कि उस पल उन्हें एहसास हुआ कि यह उपलब्धि सिर्फ उनकी नहीं, बल्कि पूरे समुदाय की है।

–आईएएनएस

एएमटी/एएस


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