अफगानिस्तान के दौरे से लौटीं संयुक्त राष्ट्र की अवर महासचिव जनरल रोजमेरी डिकार्लो

नई दिल्ली, 25 जनवरी (आईएएनएस)। संयुक्त राष्ट्र की अवर महासचिव जनरल रोजमेरी डिकार्लो ने रविवार को अफगानिस्तान का अपना दौरा खत्म किया। इस दौरे में वह काबुल में डी फैक्टो अधिकारियों और डिप्लोमैटिक कम्युनिटी के सदस्यों के साथ-साथ अफगान महिलाओं, सिविल सोसाइटी के प्रतिनिधियों और अफगान राष्ट्रीय महिला संयुक्त राष्ट्र कर्मियों से मिलीं।
डी फैक्टो अधिकारियों के साथ अपनी मीटिंग में अवर महासचिव जनरल ने संयुक्त राष्ट्र अफगान महिला स्टाफ पर पाबंदियों के साथ-साथ महिलाओं की शिक्षा, काम और पब्लिक लाइफ तक पहुंच पर बड़ी सीमाओं के बारे में चिंता जताई और उन्हें तुरंत हटाने का आग्रह किया।
उन्होंने डी फैक्टो अधिकारियों को दोहा प्रक्रिया में पूरी तरह से शामिल होने और अफगानिस्तान को अंतरराष्ट्रीय समुदाय में फिर से शामिल करने के लिए जरूरी अपनी इंटरनेशनल जिम्मेदारियों को पूरा करने के लिए भी प्रोत्साहित किया। वे अपना जुड़ाव जारी रखने पर सहमत हुए।
इस दौरान रोजमेरी डिकार्लो ने मानवीय सहायता के बिना किसी रुकावट के बॉर्डर पार ट्रांजिट के महत्व पर जोर दिया और इस संबंध में डी फैक्टो अधिकारियों से मदद मांगी।
यूएन की अवर महासचिव जनरल डिकार्लो ने अफगान लोगों के समर्थन में यूए अफगान महिला कर्मचारियों की अहम भूमिका की तारीफ की और उनके साथ अपनी एकजुटता दिखाई। उन्होंने देश में मानवाधिकार की स्थिति पर चर्चा करने के लिए अफगान महिलाओं और सिविल सोसाइटी के प्रतिनिधियों से भी मुलाकात की।
अफगानिस्तान में तालिबानी कब्जे के बाद से महिलाओं की स्थिति दयनीय बनी हुई है। ज्यादातर सरकारी नौकरियों से महिलाओं को हटा दिया गया है। एनजीओ और यूएन से जुड़ी कई भूमिकाओं में भी काम करने पर रोक लगाई गई है। सिर्फ कुछ सेक्टरों जैसे स्वास्थ्य में महिला डॉक्टर/नर्स के लिए सीमित छूट है।
इसके साथ ही महिलाओं को बिना पुरुष अभिभावक (महरम) के लंबी दूरी की यात्रा की अनुमति नहीं है। सार्वजनिक स्थानों पर हिजाब/बुर्का पहनना अनिवार्य किया गया है। पार्क, जिम, स्पोर्ट्स और कई सार्वजनिक जगहों में महिलाओं की एंट्री बंद है। मीडिया में काम करने वाली महिलाओं की संख्या भी बेहद कम हो गई है।
–आईएएनएस
केके/एबीेम