पैसे वाले भारतीयों को उम्मीद वैश्विक अस्थिरता के बीच भी तेजी से बढ़ेगी अर्थव्यवस्था : रिपोर्ट

नई दिल्ली, 25 जनवरी (आईएएनएस)। भारत के करीब दो-तिहाई पैसे वाले लोगों का मानना है कि वैश्विक अस्थिरता का बावजूद देश की अर्थव्यवस्था तेज गति से बढ़ना जारी रखेगी।
इंडिया सूदबी इंटरनेशनल रियल्टी (आईएसआईआर) की ओर से जारी किए गए लग्जरी रेजिडेंशियल आउटलुक सर्वे 2026 के मुताबिक, देश के 67 प्रतिशत हाई नेटवर्थ इंडिविजुअल (एचएनआई) और अल्ट्रा हाई-नेटवर्थ इंडिविजुअल (यूएचएनएआई) लोगों को लगता है कि अगले 12 से 24 महीने भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए काफी अच्छे रहने वाले हैं।
सर्वे में बताया गया कि 72 प्रतिशत लोगों का मानना है कि भारत की जीडीपी की वृद्धि दर वित्त वर्ष 27 में 6 से 7 प्रतिशत के बीच रह सकती है।
निवेशकों का रियल एस्टेट सेक्टर विशेषकर लग्जरी हाउसिंग सेगमेंट की ओर रुझान तेजी से बढ़ा है।
सर्वे में अधिकांश एचएनआई और यूएचएनआई वर्ग के लोगों ने बताया कि वह संपत्ति में निवेश करना जारी रखने की योजना बना रहे हैं, हालांकि अब वह पहले के मुकाबले अधिक सावधानी सपंत्ति का चयन कर है।
ब्याज दरों में गिरावट, बढ़ता सामर्थ्य और मजबूत अंतिम-उपभोक्ता मांग जैसे कारक दीर्घकालिक निवेश विकल्प के रूप में रियल एस्टेट के आकर्षण को बढ़ा रहे हैं।
रिपोर्ट में कहा गया है कि अमीर निवेशक रियल एस्टेट से अच्छा रिटर्न मिलने की उम्मीद कर रहे हैं, जिनमें से लगभग 67 प्रतिशत निवेशक 15 प्रतिशत तक के वार्षिक रिटर्न की उम्मीद कर रहे हैं।
देश में बिकने वाले कुल लग्जरी घरों में से 53 प्रतिशत की बिक्री निवेश के लिए, जबकि 47 प्रतिशत की बिक्री स्वयं के रहने के लिए होती है।
रिपोर्ट में कहा गया है शहर में स्थित आवासीय संपत्तियां धनी खरीदारों की पहली पसंद बनी हुई हैं। लगभग 31 प्रतिशत लोग शहरी केंद्रों में आवास को प्राथमिकता देते हैं, जबकि 30 प्रतिशत लोग केवल निवेश के उद्देश्य से आवासीय संपत्तियों पर ध्यान केंद्रित करते हैं।
हालांकि, गुणवत्तापूर्ण संपत्तियों की कमी और बढ़ती कीमतों ने पिछले एक साल में दूसरा घर खरीदने में रुचि को थोड़ा कम कर दिया है।
जो लोग अभी भी दूसरे घर खरीदने पर विचार कर रहे हैं, उनमें शहर के बाहरी इलाकों के पास स्थित फार्महाउस सबसे लोकप्रिय हैं, जिन्हें सर्वे में भाग लेने वाले 46 प्रतिशत उत्तरदाताओं ने पसंद किया है।
–आईएएनएस
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