ओडिशा: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को लेकर रणनीतिक बैठक, राज्य में सुरक्षा और एआई इकोसिस्टम बनाने पर जोर


भुवनेश्वर, 24 जनवरी (आईएएनएस)। ओडिशा सरकार ने शनिवार को भारतीय आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस कंपनी ‘सर्वम’ के नेतृत्व के साथ एक उच्च स्तरीय रणनीतिक बैठक आयोजित की। यह बैठक राज्य के विजन 2036 और विजन 2047 के अनुरूप एक सुरक्षित, समावेशी और स्वायत्त एआई इकोसिस्टम बनाने के प्रयासों का हिस्सा है।

बैठक में चर्चा का मुख्य विषय था कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को दीर्घकालिक सार्वजनिक क्षमता के रूप में विकसित किया जाए। इसमें स्वायत्त इंफ्रास्ट्रक्चर, शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, ई-गवर्नेंस और सार्वजनिक सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में जनसंख्या पैमाने पर एआई एप्लीकेशंस, और राज्य में मजबूत संस्थागत क्षमता बनाने पर जोर दिया गया।

बैठक में ओडिशा के मुख्यमंत्री, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं आईटी मंत्री, मुख्य सचिव, प्रिंसिपल सचिव (इलेक्ट्रॉनिक्स एवं आईटी), प्रिंसिपल सचिव (वित्त), वरिष्ठ राज्य अधिकारी और ‘सर्वम’ की नेतृत्व टीम मौजूद थे।

सरकार ने साझा किया कि राज्य सुरक्षित कंप्यूट और राज्य-नियंत्रित डेटा प्लेटफॉर्म के माध्यम से साझा, स्वायत्त एआई इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करेगा। यह इंफ्रास्ट्रक्चर विभागों के लिए एक सामान्य संसाधन होगा, जिससे निवेश विभाजित न हों और लंबी अवधि में स्थायित्व सुनिश्चित हो।

बैठक में यह भी तय किया गया कि आवाज-सक्षम एआई एप्लीकेशंस को शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, ई-गवर्नेंस और सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में लागू किया जाएगा। इसका उद्देश्य यह है कि ग्रामीण, आदिवासी और कम साक्षर नागरिक भी सरकारी योजनाओं, लाभों और शिकायत निवारण जैसी जानकारी तक सरल बातचीत के माध्यम से पहुंच सकें।

बैठक के दौरान एक वर्षीय कार्यान्वयन ढांचे पर भी चर्चा हुई, जिसमें विभागों को डेटा तैयार करना, प्राथमिक उपयोग मामलों की पहचान करना और एप्लीकेशन विकसित करना शामिल है। इससे यह सुनिश्चित होगा कि एआई सेवाएं बिना किसी देरी के रोलआउट के लिए तैयार रहें।

राज्य सरकार ने यह भी स्पष्ट किया कि सरकारी अधिकारियों का प्रशिक्षण, अनुसंधान का समर्थन और स्थानीय तकनीकी प्रतिभा का विकास जैसे कदम उठाकर एआई सिस्टम की लंबी अवधि की स्थिरता और शासन सुनिश्चित किया जाएगा।

सरकार ने बताया कि यह साझेदारी 5 और 6 फरवरी को आयोजित ब्लैक स्वान समिट में सहमति पत्र के माध्यम से औपचारिक रूप से की जाएगी।

वहीं, ‘सर्वम’ के सह-संस्थापक प्रत्युष कुमार ने कहा, “ओडिशा का स्वायत्त एआई और जनसंख्या पैमाने पर सार्वजनिक प्रभाव पर जोर यह दिखाता है कि एआई से शासन को कैसे मजबूत किया जा सकता है। हम राज्य के साथ मिलकर इस विजन को स्थायी सार्वजनिक सिस्टम में बदलने के लिए काम करने के लिए उत्सुक हैं।”

बैठक के बाद मुख्यमंत्री ने कहा, “ओडिशा को सिर्फ तकनीक अपनाने वाला राज्य नहीं बनना चाहिए, बल्कि दूसरों के लिए तकनीक का उदाहरण बनना चाहिए। एआई से हम शासन और सार्वजनिक सेवा में नए मानक स्थापित कर सकते हैं।”

मुख्य सचिव ने कहा, “अब समय आ गया है कि ओडिशा तकनीक, विशेषकर एआई में एक लीडर के रूप में उभरे और इसके लाभ सभी नागरिकों तक पहुंचे।”

इलेक्ट्रॉनिक्स एवं आईटी मंत्री ने कृषि और स्वास्थ्य जैसे उच्च प्रभाव वाले क्षेत्रों में एआई के महत्व पर जोर दिया। प्रिंसिपल सचिव (वित्त) ने कहा कि यदि एआई का सोच-समझकर उपयोग किया जाए तो यह राज्य में सभी विभागों और नागरिकों के लिए समान अवसर सुनिश्चित कर सकता है।

इस प्रकार, ओडिशा राज्य समावेशी, नागरिक-केंद्रित और जिम्मेदार एआई उपयोग के लिए देश में एक उदाहरण स्थापित करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।

–आईएएनएस

एएमटी/डीकेपी


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