अमेरिका की व्यस्तताओं का फायदा उठाकर चीन कर रहा रणनीतिक विस्तार: रिपोर्ट

बीजिंग, 24 जनवरी (आईएएनएस)। वेनेजुएला और ईरान से जुड़े संकटों में अमेरिका की व्यस्तता का फायदा उठाते हुए चीन वैश्विक स्तर पर अपने रणनीतिक प्रभाव को मजबूत कर रहा है। यूरोपियन टाइम्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक, बीजिंग खुद को सैन्य हस्तक्षेप के बजाय आर्थिक साझेदारी के जरिए एक ‘स्थिरता प्रदान करने वाली शक्ति’ के रूप में पेश कर रहा है, हालांकि इस दावे की विश्वसनीयता पर कई सवाल भी खड़े हो रहे हैं।
रिपोर्ट में कहा गया है कि वेनेजुएला में मादुरो सरकार और ईरान के कट्टरपंथी नेतृत्व जैसे शासन के साथ चीन की नजदीकी उसकी कथित ‘स्थिरता’ की छवि को कमजोर कर सकती है। इसके अलावा, ताइवान और तिब्बत को लेकर चीन के अपने संप्रभुता संबंधी दावे उसके गैर-हस्तक्षेप और स्थिरता के तर्कों में विरोधाभास पैदा करते हैं, जिससे कई देश सतर्क रुख अपनाए हुए हैं और चीन की रणनीति को विस्तारवाद की आड़ मानते हैं।
रिपोर्ट में कहा गया है, “जब वाशिंगटन वेनेजुएला और ईरान जैसे एक साथ कई संकटों से जूझ रहा है, तब बीजिंग वैश्विक मामलों में खुद को एक स्थिरकारी शक्ति के रूप में पुनर्स्थापित करने का अवसर देख रहा है। यह केवल अवसरवाद नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था के मानकों को नया रूप देने की चीन की दीर्घकालिक रणनीति का हिस्सा है।”
रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका की वेनेजुएला में सक्रियता उसके पश्चिमी गोलार्ध में प्रभुत्व बनाए रखने के प्रयास को दर्शाती है, जबकि चीन लैटिन अमेरिका और कैरेबियाई देशों के साथ चीन-सेलैक मंच के जरिए बिना किसी राजनीतिक शर्त के बुनियादी ढांचा और निवेश उपलब्ध कराकर अपना प्रभाव बढ़ा रहा है।
ईरान को लेकर रिपोर्ट में कहा गया है कि वह चीन की ऊर्जा सुरक्षा के लिए अहम बना हुआ है। प्रतिबंधों के बावजूद व्यापार जारी रखने का चीन का फैसला उसे अमेरिका की दंडात्मक नीति की तुलना में एक भरोसेमंद साझेदार के रूप में पेश करता है।
रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया कि चीन की मौजूदा रणनीति इतिहास के उन दौरों से मिलती-जुलती है, जब उभरती शक्तियों ने अमेरिका की व्यस्तताओं का लाभ उठाया।
–आईएएनएस
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