कांग्रेस से इस्तीफा देने के बाद बोले नसीमुद्दीन सिद्दीकी, ‘मुझे सम्मान नहीं चाहिए, काम चाहिए’

लखनऊ, 24 जनवरी (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश में साल 2027 में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस संगठन को मजबूत करने के लिए तमाम रणनीतियां बनाने में जुटी हुई है। इसी बीच पार्टी को जोरदार झटका लगा है।
कांग्रेस नेता नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने अपना इस्तीफा पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष अजय राय और राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को भेज दिया है।
लखनऊ में नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने आईएएनएस से बातचीत में कहा कि मैं कभी नाराज नहीं था। मैंने ऐसा कभी नहीं कहा। मुझे सम्मान चाहिए, मुझे काम चाहिए।
उन्होंने आगे कहा कि मैं आठ साल पहले कांग्रेस में शामिल हुआ था। मैं जमीनी स्तर पर, ग्रासरूट लेवल पर काम करने वाला इंसान हूं। जब भी काम किया, कभी ईद-दीपावली घरों में नहीं मनाई, बल्कि गांव-देहात में मनाई। जमीन पर काम करना मेरा स्वभाव है। मैंने महसूस किया कि मेरे काम पर जंग लग रही है। किसी नेता से कोई दिक्कत नहीं है। पिछले आठ सालों में मुझे लगा कि मेरे ग्रासरूट स्तर पर काम करने के तरीके का पूरी तरह से इस्तेमाल नहीं हो रहा था। दूसरे शब्दों में कहूं तो मुझे लगा कि मेरे काम और मेरी काबिलियत पर जंग लग रही है।
उन्होंने कहा कि आगे क्या करेंगे, यह देखते हैं। अपना कोई संगठन बनाएंगे या फिर किसी दूसरे दल में जाएंगे, अभी तय नहीं है। मुझे किसी से जलन नहीं है, न ही कोई नाराजगी है। अच्छा हुआ कि उन्हें राज्यसभा की सीट मिली। अगर उन्हें दोबारा मौका मिलता है तो मुझे खुशी होगी।
नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने इस्तीफा पत्र में कहा कि वे व्यक्तिगत कारणों की वजह से पार्टी छोड़ रहे हैं। सिद्दीकी ने अपने लिखित इस्तीफे पत्र में कहा कि वे ‘अपरिहार्य कारणों’ से अपनी प्राथमिक सदस्यता और सभी संगठनात्मक जिम्मेदारियों का त्याग कर रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि कांग्रेस के किसी भी पदाधिकारी के खिलाफ उनकी कोई व्यक्तिगत शिकायत नहीं है, लेकिन उन्होंने कहा कि जिन उद्देश्यों के लिए वे पार्टी में शामिल हुए थे, वे पूरे नहीं हो रहे थे।
–आईएएनएस
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