कांग्रेस अध्यक्ष खड़गे और राहुल गांधी ने बिहार कांग्रेस के नेताओं से की मुलाकात

पटना, 23 जनवरी (आईएएनएस)। बिहार विधानसभा चुनाव के परिणामों के बाद कांग्रेस में संभावित टूट और नेताओं के पार्टी छोड़ने की अटकलों के बीच, पार्टी की शीर्ष नेतृत्व ने दिल्ली में शुक्रवार को आंतरिक चुनौतियों का सामना करने के लिए एक बैठक की।
बैठक की अध्यक्षता कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने की। बैठक में बिहार में पार्टी की संगठनात्मक कमजोरियों और बढ़ते असंतोष पर ध्यान केंद्रित किया गया।
सूत्रों के अनुसार, राहुल गांधी ने स्पष्ट किया कि बिहार कांग्रेस के नेताओं को अपनी जिम्मेदारियों को समझना होगा और स्थानीय स्तर पर गंभीरता से काम करना होगा। उन्होंने कहा कि वे नेताओं का समर्थन करने के लिए हमेशा तैयार हैं, लेकिन सिर्फ उनके प्रयासों से पार्टी को फिर से मजबूत नहीं किया जा सकता।
उन्होंने जोर देकर कहा कि बिहार में कांग्रेस को मजबूत बनाने के लिए सभी नेताओं की साझा कोशिश, अनुशासन और सक्रिय भागीदारी जरूरी है।
बैठक में कांग्रेस सांसद तारिक अनवर ने कहा कि केवल जिम्मेदारियां सौंपना पर्याप्त नहीं है, बल्कि संगठन में जवाबदेही तय करना भी जरूरी है।
राज्यसभा सांसद रंजीत रंजन ने भी इसी चिंता को दोहराते हुए कहा कि बिहार में पार्टी के संगठन को संभालने वाले नेताओं को इसके वर्तमान कमजोर स्थिति के लिए जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए।
कई वरिष्ठ नेताओं ने संगठन की कमजोर संरचना पर गंभीर चिंता व्यक्त की।
बैठक में यह सुझाव दिया गया कि तुरंत राज्य समिति का गठन किया जाए और वरिष्ठ नेताओं के अनुभव का प्रभावी ढंग से उपयोग किया जाए।
बिहार में कांग्रेस विधायिक दल के नेतृत्व पर भी चर्चा हुई।
बिहार विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने 62 सीटों पर चुनाव लड़ा, लेकिन केवल छह सीटें जीत सकी।
चुनाव के बाद, रिपोर्ट के अनुसार छह विधायक बिहार में पार्टी की बैठकों और गतिविधियों से दूर रहे थे, जिससे पार्टी से अलग होने की अटकलें तेज हुईं।
हालांकि, कांग्रेस नेतृत्व के लिए बड़ी राहत की बात यह रही कि सभी छह विधायक शुक्रवार की बैठक में मौजूद रहे।
सूत्रों के अनुसार, विधायकों ने खुलकर राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे के साथ अपनी शिकायतें साझा कीं।
–आईएएनएस
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