सनातन धर्म का सच्चा संत कभी नफरत या विद्रोह नहीं फैलाता: महंत राजू दास

लखनऊ, 23 जनवरी (आईएएनएस)। संगम घाट पर स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद शंकराचार्य की अधिकारियों के साथ झड़प पर अयोध्या हनुमान गढ़ी मंदिर के महंत राजू दास ने कहा कि सनातन धर्म का सच्चा संत कभी नफरत या विद्रोह नहीं फैलाता।
लखनऊ में आईएएनएस से बातचीत में राजू दास ने कहा कि अगर किसी ने गलती की है, तो उस गलती के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को कैसे दोषी ठहराया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि मैं सम्मानपूर्वक और साफ-साफ पूछना चाहता हूं, स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद महाराज! क्या आप सनातन धर्म के सच्चे अनुयायी हैं? सनातन धर्म का सच्चा संत कभी नफरत या विद्रोह नहीं फैलाता। एक संत का काम लोगों को रास्ता दिखाना होता है, न कि झगड़ा करवाना। इस तरह का व्यवहार करके आप सभी संतों की इज्जत खराब कर रहे हैं और हिंदुओं में फूट डाल रहे हैं। आप उन लोगों का अपमान कर रहे हैं जो सनातन धर्म के लिए लगातार काम कर रहे हैं।
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के अस्तित्व पर उठ रहे सवालों पर उन्होंने कहा कि जब बार-बार आप सनातनी चोले में टारगेट करोगे तो कोई भी आपके अस्तित्व के बारे में पूछ सकता है। रावण शिव का भक्त था, पूजा नहीं होती है। अविमुक्तेश्वरानंद रावण के रूप में आए हैं। इसके नाते ऐसे कृत्य हैं, ऐसी घटना घट रही है।
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद से जुड़े विवाद पर डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य के बयान पर अयोध्या हनुमान गढ़ी मंदिर के महंत राजू दास ने कहा कि अगर सच में ऐसी घटना हुई है तो यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है।
डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने साफ कहा है कि इस काम के लिए जिम्मेदार अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी, हालांकि कुछ लोग दावा कर रहे हैं कि जो वीडियो सर्कुलेट हो रहा है। वह एआई से बनाया गया है और समाज में बड़े पैमाने पर फैलाया जा रहा है और कुछ लोग इसका राजनीतिक फायदा उठाने की कोशिश कर रहे हैं, जिन्होंने राम को काल्पनिक कहा था। जिन्हें सनातन से कुछ भी लेना देना नहीं है, वे इस पर बात कर रहे हैं।
–आईएएनएस
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