सुभाष चंद्र बोस की जयंती पर पीएम मोदी ने शेयर किए कई खास पल, बोले- नेताजी से हमेशा मिली प्रेरणा

नई दिल्ली, 23 जनवरी (आईएएनएस)। सुभाष चंद्र बोस की जयंती के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि नेताजी का जीवन और आदर्श उन्हें हमेशा प्रेरित करते रहे हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने इस अवसर पर नेताजी से जुड़ी कई यादों और सरकार की ओर से किए गए अहम प्रयासों का उल्लेख किया।
प्रधानमंत्री मोदी ने ‘ई-ग्राम विश्वग्राम योजना’ का जिक्र करते हुए कहा कि नेताजी सुभाष चंद्र बोस ने मुझे हमेशा बहुत प्रेरित किया है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, “23 जनवरी 2009 को ई-ग्राम विश्वग्राम योजना शुरू की गई थी। यह गुजरात के आईटी सेक्टर को बदलने के मकसद से शुरू की गई एक अनोखी योजना थी।”
उन्होंने एक अहम क्षण का जिक्र करते हुए आगे कहा, “यह योजना हरिपुरा से शुरू की गई थी, जिसका नेताजी बोस के जीवन में एक खास स्थान था। मैं कभी नहीं भूलूंगा कि हरिपुरा के लोगों ने मेरा कैसे स्वागत किया और उसी सड़क पर जुलूस निकाला जिस पर नेताजी बोस चले थे।”
2012 के एक कार्यक्रम को याद करते हुए पीएम मोदी ने ‘एक्स’ पोस्ट में लिखा, “2012 में, आजाद हिंद फौज दिवस मनाने के लिए अहमदाबाद में एक बड़ा कार्यक्रम आयोजित किया गया था। इसमें नेताजी बोस से प्रेरित कई लोग शामिल हुए, जिनमें पूर्व लोकसभा स्पीकर पीए संगमा भी थे।”
बिना नाम लिए कांग्रेस पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा, “नेताजी बोस के शानदार योगदान को याद करना उन लोगों के एजेंडे में फिट नहीं बैठता था जिन्होंने दशकों तक देश पर राज किया। इसलिए, उन्हें भुलाने की कोशिश की गई।” पीएम मोदी ने कहा कि हमारी सोच अलग है। हमने हर मुमकिन मौके पर उनके जीवन और आदर्शों को लोकप्रिय बनाया है। एक ऐतिहासिक कदम उनसे जुड़ी फाइलों और दस्तावेजों को सार्वजनिक करना था।
उन्होंने कहा कि 2018 दो कारणों से एक ऐतिहासिक साल था। पीएम मोदी ने कहा, “लाल किले पर ‘आजाद हिंद सरकार’ की स्थापना की 75वीं वर्षगांठ मनाई गई। मुझे तिरंगा फहराने का भी मौका मिला। INA के वेटरन ललती राम जी के साथ मेरी बातचीत भी उतनी ही यादगार थी।”
प्रधानमंत्री ने आगे लिखा, “अंडमान और निकोबार द्वीप समूह के श्रीविजयपुरम (तब पोर्ट ब्लेयर) में, सुभाष बाबू की ओर से वहां तिरंगा फहराने की 75वीं वर्षगांठ मनाने के लिए तिरंगा फहराया गया। तीन प्रमुख द्वीपों का नाम भी बदला गया, जिसमें रॉस द्वीप भी शामिल था, जो नेताजी सुभाष चंद्र बोस द्वीप बन गया।”
उन्होंने बताया कि लाल किले में क्रांति मंदिर संग्रहालय में नेताजी बोस और आईएनए से जुड़ी काफी ऐतिहासिक सामग्री है, जिसमें नेताजी बोस की ओर से पहनी गई टोपी भी शामिल है। यह उनके ऐतिहासिक योगदान के ज्ञान को संरक्षित और गहरा करने के हमारे प्रयासों का भी एक हिस्सा था।
पीएम मोदी ने 2021 के कोलकाता दौरे का जिक्र करते हुए कहा, “नेताजी बोस के सम्मान में, उनकी जयंती को पराक्रम दिवस घोषित किया गया है। 2021 में मैंने कोलकाता में नेताजी भवन का दौरा किया, जहां से नेताजी ने अपनी महान पलायन यात्रा शुरू की थी। औपनिवेशिक सोच को खत्म करने की हमारी कोशिशों और नेताजी सुभाष चंद्र बोस के प्रति हमारी श्रद्धा का एक शानदार उदाहरण इंडिया गेट के पास, देश की राजधानी के बीचों-बीच उनकी भव्य मूर्ति लगाने के हमारे फैसले में देखा जा सकता है। यह भव्य मूर्ति आने वाली पीढ़ियों को प्रेरणा देगी।”
–आईएएनएस
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