माघ मेले में शंकराचार्य पर हुए हमले की संजय राउत ने की निंदा, कहा- यह हिंदुत्व का अपमान


मुंबई, 22 जनवरी (आईएएनएस)। प्रयागराज के माघ मेले में ज्योतिषपीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती से हुए दुर्व्यवहार का मामला शांत होने का नाम नहीं ले रहा है। इस बीच शिवसेना (यूबीटी) सांसद संजय राउत ने इस पर बड़ा बयान दिया है और हिंदुत्व की बात करने वालों पर गंभीर आरोप लगाए हैं।

उन्होंने कहा कि शंकराचार्य मजबूती से और खुले तौर पर अपनी बात रखते हैं और शायद इसी वजह से कुछ लोगों को उनकी बातें पसंद नहीं आती। फिर भी उन्हें ज्योतिषपीठ का शंकराचार्य होने के नाते सम्मान मिलना चाहिए।

राउत ने योगी सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि जिस तरह पुलिस ने उनके ऊपर कार्रवाई की, वह बेहद चिंताजनक है। उन्होंने सवाल उठाया कि जो लोग खुद को हिंदुत्ववादी कहते हैं, उनके लिए यह बात खास चिंता का विषय होनी चाहिए। आखिरकार पूरे देश में शंकराचार्य को राजकीय अतिथि का दर्जा मिला है। महाराष्ट्र में भी जब वह आए थे, उन्हें मुख्यमंत्री के सरकारी आवास पर आमंत्रित किया गया था और सम्मान दिया गया।

राउत ने कहा कि ऐसे शंकराचार्य के ऊपर हमला होना न सिर्फ व्यक्तिगत रूप से बल्कि हिंदुत्व के लिए भी एक चुनौती है। उन्होंने एकनाथ शिंदे पर चुप्पी साधने का आरोप लगाते हुए कहा कि जब एकनाथ शिंदे मुख्यमंत्री थे तो उन्होंने शंकराचार्य को मुख्यमंत्री के सरकारी आवास पर बुलाया, उनकी पूजा-अर्चना की और उनके चरण धोएं। आज वही शिंदे शंकराचार्य को लेकर खुलकर अपनी बात भी नहीं रख पा रहे हैं।

उन्होंने यह भी कहा कि ऐसे लोग जो खुद को हिंदू कहते हैं, लेकिन ऐसी घटनाओं का न तो विरोध करते हैं और न ही रोकते हैं, वो नकली हिंदू हैं। राउत ने इसे स्वार्थी और दिखावटी हिंदुत्व का उदाहरण बताया।

उन्होंने जोर देकर कहा कि शिवसेना (यूबीटी) इस घटना की कड़ी निंदा कर रही है और आगे की कार्रवाई पर भी नजर रखेगी। उनका कहना है कि शंकराचार्य को सम्मान मिलना चाहिए, हिंदुत्व के नाम पर राजनीति करने वाले लोगों को वास्तविकता समझनी चाहिए और किसी भी तरह के हमले या उपेक्षा को बर्दाश्त नहीं किया जाना चाहिए।

–आईएएनएस

पीआईएम/एबीएम


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