नीरज वोरा: अक्षय कुमार से लेकर सुनील शेट्टी तक के करियर को ऊंचाई देने वाले बॉलीवुड के जादूगर

मुंबई, 21 जनवरी (आईएएनएस)। बॉलीवुड के मशहूर एक्टर, निर्देशक और लेखक नीरज वोरा की बहुमुखी प्रतिभा ने हिंदी सिनेमा में एक अलग पहचान बनाई। उन्होंने अपने करियर में अक्षय कुमार, परेश रावल और सुनील शेट्टी जैसे सितारों के साथ कॉमेडी का जादू बिखेरा। उनकी फिल्में ‘हेरा फेरी’, ‘फिर हेरा फेरी’ और ‘बोल बच्चन’ आज भी दर्शकों को हंसाती हैं।
नीरज वोरा का जन्म 22 जनवरी 1963 को गुजरात के भुज में हुआ। उनके पिता, पंडित विनायक राय ननलाल वोरा, एक शास्त्रीय संगीतकार थे और उन्होंने अपने बेटे को बचपन से ही संगीत और कला का ज्ञान दिया। नीरज का बचपन मुंबई के सेंटाक्रूज इलाके में बीता। छह साल की उम्र में ही नीरज ने थिएटर में कदम रखा और कॉलेज के दिनों में उन्होंने ड्रामा और एक्टिंग में कई अवॉर्ड भी जीते।
नीरज ने बॉलीवुड में अपने करियर की शुरुआत 1984 में फिल्म ‘होली’ से की। इस फिल्म में आमिर खान, आशुतोष गोवारिकर, नसीरुद्दीन शाह, ओम पुरी, दीप्ती नवल, परेश रावल और मोहन गोखले जैसे बेहतरीन कलाकार थे। इसके बाद उन्होंने टीवी के लोकप्रिय शो ‘सर्कस’ और ‘चोटी बड़ी बातें’ में भी अपनी एक्टिंग का जलवा दिखाया। लेकिन असली पहचान उन्हें आमिर खान की फिल्म ‘रंगीला’ (1995) से मिली। इस फिल्म के डायलॉग्स और रोल्स ने दर्शकों का ध्यान खींचा।
इसके बाद उन्होंने कई हिट फिल्मों में लेखन, डायलॉग्स और कहानी का जादू दिखाया। नीरज वोरा की कॉमिक टाइमिंग और लेखन ने अक्षय कुमार, परेश रावल और सुनील शेट्टी जैसे सितारों को नए आयाम दिए। 2000 में आई फिल्म ‘हेरा फेरी’ ने अक्षय कुमार, परेश रावल और सुनील शेट्टी के करियर में नया मोड़ दिया। इस फिल्म की कहानी और नीरज के डायलॉग्स ने दर्शकों को खूब हंसाया।
इसके बाद, 2006 में ‘फिर हेरा फेरी’ में भी उन्होंने अपने उसी जादू को दोहराया और फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर धमाल मचाया। नीरज का कॉमिक स्टाइल इतना अनोखा था कि उनकी फिल्में सिर्फ हंसी तक सीमित नहीं थीं, बल्कि दर्शकों को किरदारों से जोड़ती थीं। 2012 में ‘बोल बच्चन’ में भी उनकी लेखन क्षमता ने फिल्म को यादगार बना दिया।
नीरज सिर्फ लेखक ही नहीं थे, बल्कि डायरेक्टर और एक्टर भी थे। उन्होंने ‘खिलाड़ी 420’, ‘फैमिलीवाला’, और ‘रन भोला रन’ जैसी फिल्मों का निर्देशन किया और खुद भी कई फिल्मों में एक्टिंग की। ‘मन’, ‘बादशाह’, ‘खट्टा-मीठा’, और ‘वेलकम बैक’ जैसी फिल्मों में दर्शकों को उनकी एक्टिंग काफी पसंद आई। कॉमेडी के साथ-साथ, वह अपने किरदारों में गहराई लेकर आए।
नीरज वोरा को उनके योगदान के लिए कई बार सम्मानित किया गया। उनके काम की सबसे बड़ी सराहना यह थी कि उन्होंने कॉमेडी को पारिवारिक और साफ-सुथरी शैली में पेश किया, जिससे हर उम्र के दर्शक उनकी फिल्मों का आनंद ले सकें।
अक्टूबर 2016 में नीरज को ब्रेन स्ट्रोक हुआ और इसके बाद उनकी सेहत बिगड़ गई। उन्हें दिल्ली के एम्स अस्पताल में भर्ती कराया गया, और बाद में उनके दोस्त और निर्माता फिरोज नाडियाडवाला ने उन्हें अपने घर मुंबई में रखा। वहां उनके लिए आईसीयू का इंतजाम किया गया और लगातार डॉक्टर और नर्स उनकी देखभाल करते रहे। नीरज लगभग 13 महीने कोमा में रहे।
14 दिसंबर 2017 को नीरज वोरा ने 54 वर्ष की आयु में अंतिम सांस ली। उनके निधन से बॉलीवुड में शोक की लहर दौड़ गई। सिनेमा के साथियों के अलावा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी अपने शोक संदेश में नीरज को याद किया था और उनकी फिल्मों में अतुल्य योगदान की सराहना की थी।
–आईएएनएस
पीके/एएस