मणिकर्णिका घाट मंदिर विवाद: अखिलेश यादव के आरोपों पर भाजपा सांसदों ने दी तीखी प्रतिक्रिया

नई दिल्ली, 18 जनवरी (आईएएनएस)। वाराणसी के मणिकर्णिका घाट मंदिर को लेकर राजनीति तेज है। समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने आरोप लगाए कि भाजपा राज में जितने पौराणिक मंदिर तोड़े गए, उतने किसी ने नहीं तोड़े। इस पर भाजपा ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि विपक्ष का आधार खिसकता नजर आ रहा है। उनको लग रहा है कि हिंदू इनके हाथ से बिल्कुल जाने वाले हैं। इसलिए गलत बयानबाजी कर रहे हैं।
भाजपा सांसद नरेश बंसल ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत में कहा, “अखिलेश यादव का स्वयं सनातन में विश्वास नहीं है। उनकी बातों पर कोई भरोसा नहीं करता है। वह हमेशा अप्रसांगिक बातें करते हैं। भाजपा मंदिरों का संरक्षण करने वाली पार्टी है, मंदिर तोड़ने वाली पार्टी नहीं है।”
नरेश बंसल ने कहा कि इतिहास जानता है कि एक हजार साल में किसने मंदिर तोड़े हैं और उनको दूसरे रूप में बदला है। जांच हो तो उनके पिता मुलायम सिंह यादव ने इतने हिंदुओं को अयोध्या के राम मंदिर के समय में सरयू नदी के अंदर पत्थर बांध-बांधकर फेंका था और हत्या की गई थी। मुजफ्फरनगर गोलीकांड अखिलेश यादव के पिता के कारण ही हुआ था।
उन्होंने कहा कि भाजपाई सनातन के उपासक हैं और सनातन के लिए ही काम करते हैं। इसलिए कोई आरोप अखिलेश यादव लगा लें, जनता उन पर विश्वास नहीं करती है।
वहीं, भाजपा सांसद योगेंद्र चंदोलिया ने अखिलेश यादव को जवाब देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारत सरकार सभी धर्मों को साथ लेकर चलने का काम करती है। उन्होंने कहा, “विपक्ष का आधार खिसकता नजर आ रहा है। उनको लग रहा है कि हिंदू इनके हाथ से बिल्कुल जाने वाला है। इसलिए गलत बयानबाजी कर रहे हैं। देश के प्रधानमंत्री मोदी के कार्यकाल में मंदिर को तोड़ने की घटना नहीं हो सकती है।”
इससे पहले, अखिलेश यादव ने अपने एक बयान में कहा कि भाजपा की सरकार में जितने पौराणिक मंदिर तोड़े गए हैं, उतने धरती पर किसी राजा ने नहीं तोड़े हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सैफई में बनाए जा रहे मंदिर में भाजपा के लोग टंगड़ी लगा रहे हैं।
–आईएएनएस
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