क्या ईरान में विरोध प्रदर्शन भड़का रहा इजरायल? पूर्व अमेरिकी विदेश मंत्री पोम्पिओ के दावे ने मचाया हंगामा


नई दिल्ली, 3 जनवरी (आईएएनएस)। ईरान में इन दिनों हालात बिगड़े हुए हैं। करीब हफ्तेभर से ईरान में जेन-जी का प्रदर्शन चल रहा है। बढ़ती महंगाई और बेरोजगारी को लेकर ईरान के सुप्रीम नेता खामेनेई के खिलाफ लोगों का गुस्सा फूट रहा है। इस बीच अमेरिका के पूर्व विदेश मंत्री और सीआईए के पूर्व डायरेक्टर माइकल रिचर्ड पोम्पिओ ने प्रदर्शनकारियों को मोसाद का एजेंट बता दिया। पोम्पिओ के इस बयान ने हंगामा खड़ा कर दिया है।

सीआईए के पूर्व डायरेक्टर माइकल रिचर्ड पोम्पिओ ने सोशल मीडिया ‘एक्स’ पर पोस्ट कर कहा कि जब देश खामेनेई शासन के खिलाफ विरोध में डूबा हुआ है, तो मोसाद एजेंट प्रदर्शनकारियों के साथ मार्च कर रहे हैं।

पोम्पिओ ने कहा, “ईरानी सरकार मुश्किल में है। भाड़े के सैनिकों को लाना ही उसकी आखिरी सबसे अच्छी उम्मीद है। दर्जनों शहरों में दंगे और बसीज पर घेराबंदी, मशहद, तेहरान, जाहेदान। अगला पड़ाव बलूचिस्तान। इस सरकार के 47 साल; पोटस 47, इत्तेफाक? सड़कों पर हर ईरानी को नया साल मुबारक। साथ ही उनके साथ चल रहे हर मोसाद एजेंट को भी।”

दरअसल, ईरान में जिस तरह के हालात हैं, उसमें कयास लगाए जा रहे हैं कि इजरायली इंटेलिजेंस इसका फायदा उठा सकती है। कहा जा रहा है कि ईरान के अंदर आर्थिक उथल-पुथल का फायदा उठाकर पश्चिमी देशों के पक्ष में सरकार बनाने के लिए इजरायल कुछ जगहों पर इस तरह के प्रदर्शन का आयोजन कर रहा है।

मोसाद से जुड़े सोशल मीडिया अकाउंट्स ने भी सोमवार को ऐसे ही दावे किए थे। मोसाद के सोशल मीडिया अकाउंट पर ईरानी लोगों की भावनाओं से जुड़ने के लिए फारसी भाषा का इस्तेमाल करते हुए एक पोस्ट किया गया था। पोस्ट में लिखा गया था, “एक साथ सड़कों पर निकलो। समय आ गया है। हम तुम्हारे साथ हैं। सिर्फ दूर से नहीं, हम जमीन पर भी तुम्हारे साथ हैं।”

यही कारण है कि ईरान में जारी इस प्रदर्शन में मोसाद का हाथ होने का दावा किया जा रहा है। इजरायल ने ईरानी भीड़ को भड़काने के लिए एआई की मदद से बने फोटो और वीडियो का इस्तेमाल करके एक अभियान चलाया था।

–आईएएनएस

केके/डीकेपी


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