यदि जापान हठी बना रहा तो उसे जनता का क्रोध झेलना पड़ेगा : चीनी रक्षा मंत्रालय


बीजिंग, 6 दिसंबर (आईएएनएस)। चीनी रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता ने 5 दिसंबर को एक पत्रकार के सवाल का जवाब देते हुए कहा कि यदि जापान हठी बना रहेगा, तो उसे अनिवार्य रूप से जनता का क्रोध झेलना पड़ेगा और वह इतिहास और न्याय की नजरों से बच नहीं पाएगा।

पत्रकार ने पूछा कि रिपोर्टों के अनुसार, जापानी सरकार ने हाल ही में वित्त वर्ष 2025 के लिए एक अनुपूरक बजट को मंजूरी दी है, जिससे उसका रक्षा खर्च 110 खरब येन हो जाएगा, जिससे सकल घरेलू उत्पाद का 2% का लक्ष्य निर्धारित समय से पहले ही प्राप्त हो जाएगा। इस पर चीन की क्या टिप्पणी है?

चीनी प्रवक्ता ने कहा कि हाल के वर्षों में, जापान ने बार-बार अपने ‘शांति संविधान’ की सीमाओं को तोड़ा है, अपने रक्षा बजट में उल्लेखनीय वृद्धि की है, घातक हथियारों के निर्यात को बढ़ावा दिया है, ‘तीन गैर-परमाणु सिद्धांतों’ को संशोधित करने का प्रयास किया है, तथा अपने स्वयं के सैन्य विनियमन में तेजी लाई है, तथा सैन्यवाद में पुनरुत्थान के संकेत दिखाई दे रहे हैं। ईमानदारी के बिना कोई व्यक्ति अपने पैरों पर खड़ा नहीं हो सकता। ईमानदारी के बिना कोई राष्ट्र दुनिया में खड़ा नहीं हो सकता। हम जापान से आग्रह करते हैं कि वह अंतर्राष्ट्रीय कानून के तहत एक पराजित राष्ट्र के रूप में अपने दायित्वों का सख्ती से पालन करे, युद्धोत्तर अंतर्राष्ट्रीय व्यवस्था को चुनौती देना बंद करे, एशिया-प्रशांत क्षेत्र में शांति और स्थिरता को कमजोर करना बंद करे, तथा एक बात कहना और दूसरी करना बंद करे। यदि जापान हठी बना रहेगा, तो उसे अनिवार्य रूप से जनता का क्रोध झेलना पड़ेगा और वह इतिहास और न्याय की नजरों से बच नहीं पाएगा।

(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)

–आईएएनएस

एबीएम/


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