बिहार फिर से मैट्रिक और इंटर के परीक्षाफल देने में आगे रहेगा: शिक्षा मंत्री सुनील कुमार


पटना, 30 नवंबर (आईएएनएस)। बिहार में नई सरकार के गठन के बाद कामकाज संभालते ही एक्शन मोड में है। शिक्षा विभाग भी शिक्षा में गुणवत्तापूर्ण सुधार के लिए कई कदम उठा रही है। इस बीच, विभाग का दावा है कि इस बार भी प्रदेश इंटर और मैट्रिक की परीक्षा को लेकर अन्य राज्यों से आगे रहेगा।

बिहार के शिक्षा मंत्री सुनील कुमार का कहना है कि बिहार में मैट्रिक और इंटरमीडिएट की परीक्षा की तिथि घोषित कर दी गई है और उसकी सारी तैयारी की जा रही है। परीक्षार्थियों को किसी प्रकार की कोई परेशानी नहीं हो, इसका भी ख्याल रखा जाएगा। उन्होंने दावा किया कि इस बार भी हम लोगों का प्रयास होगा कि इंटरमीडिएट और मैट्रिक की परीक्षा का परिणाम सबसे पहले प्रकाशित किया जाए।

दरअसल, बिहार में इंटरमीडिएट की परीक्षा दो फरवरी और मैट्रिक की परीक्षा 17 फरवरी से होने वाली है। इस परीक्षा को लेकर बिहार विद्यालय परीक्षा समिति ने पूरी तैयारी कर ली है। बताया गया कि बिहार बोर्ड ने मैट्रिक वार्षिक परीक्षा 2026 के लिए आवेदन करने से जो विद्यार्थी छूट गए हैं, वे तीन दिसंबर तक विलंब शुल्क के साथ परीक्षा फॉर्म भर सकते हैं। किसी भी प्रकार की त्रुटि में सुधार चार दिसंबर तक किया जा सकता है। इस बार 15 लाख दो हजार 21 विद्यार्थियों ने मैट्रिक परीक्षा का फॉर्म भरा है, जबकि 13 लाख सात हजार 241 विद्यार्थियों ने इंटरमीडिएट के लिए आवेदन पत्र जमा किया है।

बताया जा रहा है कि बोर्ड मैट्रिक और इंटरमीडिएट का परिणाम मार्च और अप्रैल में जारी करने के लिए तैयार है। इंटर की परीक्षा दो फरवरी से शुरू होगी और पहले दिन प्रथम पाली में जीव विज्ञान और दर्शन शास्त्र तथा दूसरी पाली में अर्थशास्त्र (कला और वाणिज्य संकाय) की परीक्षा होगी।

इंटर की परीक्षा 13 फरवरी को समाप्त हो जाएगी। मैट्रिक की परीक्षा 17 फरवरी से 25 फरवरी तक होगी। पहले दिन, 17 फरवरी को दोनों पालियों में मातृभाषा की परीक्षा आयोजित की जाएगी, जबकि 18 फरवरी को दोनों पालियों में गणित की परीक्षा आयोजित की जाएगी।

–आईएएनएस

एमएनपी/डीसीएच


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