प्राणायाम: रोजाना अभ्यास से शुद्ध होगा शरीर और शांत रहेगा मन


नई दिल्ली, 30 नवंबर (आईएएनएस)। आजकल की व्यस्त दिनचर्या में हम अपने खानपान और सेहत का खास ख्याल नहीं रख पाते हैं। ऐसे में प्राणायाम कारगर साबित हो सकता है। प्राणायाम भारतीय योग का एक महत्वपूर्ण अंग है। प्राण का अर्थ है जीवन शक्ति और आयाम का अर्थ है नियंत्रण।

प्राणायाम का मतलब है अपनी जीवन ऊर्जा (प्राण शक्ति) को सांस के द्वारा नियंत्रित करना और बढ़ाना। इसके रोजाना अभ्यास से न केवल स्वास्थ्य बेहतर रहता है बल्कि मानसिक तनाव से मुक्ति और गहरी शांति भी मिलती है। ऐसे में हम आपको कुछ प्राणायाम के बारे में बताएंगे।

कपालभाति- कपालभाति को करने के कई फायदे हैं। आयुष मंत्रालय के अनुसार, इसके नियमित अभ्यास से तंत्रिका तंत्र संतुलित होता है, जो शरीर को स्फूर्ति प्रदान करता है। साथ ही इससे रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है। पाचन क्रिया बेहतर होती है और वजन भी कम होता है। साथ ही शरीर में रक्त संचार भी ठीक होता है।

भस्त्रिका- यह एक ऐसा अभ्यास है जो शरीर को अंदर से साफ करता है। आयुष मंत्रालय भी इसकी पुष्टि करता है कि इसके अभ्यास से शरीर से विषैले पदार्थ बाहर निकलते हैं। पाचन क्रिया को ठीक और दिमाग को शांत करता है।

अनुलोम-विलोम- यह नींद की गुणवत्ता को बेहतर करने और एकाग्रता को निखारने में मददगार है। यह मन को शांत करने और नाव को कम करने में कारगर है।

शीतली – इसको करने से शरीर में ठंडक होती है और गर्मियों में लू से बचा जा सकता है। यह तनाव और चिंता को कम करता है, जिससे दिमाग शांत होता है। यह मानसिक स्वास्थ्य के लिए बहुत लाभकारी है।

इसको करने के लिए जीभ को नली की तरह आकार देकर सांस खींचना होता है, जिससे पूरा शरीर और आंखें ठंडक महसूस करती हैं।

प्राणायम को सुबह 20 मिनट खाली पेट करना चाहिए, जिससे दिनभर शरीर को नई ऊर्जा प्रदान होती है, लेकिन जिन लोगों को गंभीर स्वास्थ्य समस्या है, वे करने से पहले एक्सपर्ट से एक बार सलाह जरूर लें।

–आईएएनएस

एनएस/वीसी


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