खोरधा के साधु-संत संगठनों की पीएम मोदी से अपील, बंगाल में सुनिश्चित की जाए हिंदुओं की सुरक्षा
खोरधा (ओडिशा), 22 अप्रैल (आईएएनएस)। वक्फ कानून के खिलाफ पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में हुई हिंसा में दंगाइयों ने हिंदुओं को टारगेट किया। हिंदुओं के घर जलाए गए। महिलाओं के साथ गलत व्यवहार किया। स्थिति यह बनी कि हिंदुओं को अपनी जान बचाने के लिए पलायन करना पड़ा। इस हिंसा को लेकर देश भर के साधु-संतों में रोष है। पश्चिम बंगाल में हिंदुओं पर हो रहे हमलों को लेकर खोरधा के साधु-संत संगठनों ने मंगलवार को प्रधानमंत्री मोदी के नाम जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। इसमें सनातन धर्म और हिंदू हितों की रक्षा के लिए सख्त कार्रवाई की मांग की गई।
न्यूज एजेंसी आईएएनएस से बातचीत के दौरान साधु गोविंद दास जी महाराज ने बताया कि हम कलेक्टर ऑफिस इसीलिए आए हैं, क्योंकि, बंगाल में हिंदू समुदाय खतरे में है। लगातार सनातन पर हमला किया जा रहा है। अगर इसे जल्द नहीं रोका गया तो भविष्य में गंभीर परिणाम देखने को मिल सकते हैं। उन्होंने कहा कि बांग्लादेश से शुरू हुआ यह सिलसिला अब पश्चिम बंगाल तक पहुंच गया है।
हमारा सनातन धर्म गंभीर खतरे में है। धर्म पर विपत्ति का समय है। हम लोगों ने कलेक्टर को ज्ञापन दिया। इस ज्ञापन के माध्यम से हम अपनी बात पीएम मोदी तक पहुंचाना चाहते हैं। इस ज्ञापन में हमने मांग की है कि बंगाल में जिस तरह से हिंदुओं पर अत्याचार हो रहा है, उसे रोकना चाहिए।
21 अप्रैल को बंगाल हिंसा को लेकर संत सरजू महाराज ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि पश्चिम बंगाल में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचार, हमारी माताओं-बहनों पर हमले और रामलीला व राम उत्सव के दौरान पथराव असहनीय है।
उन्होंने कहा कि बंगाल सरकार हिंदुओं पर अत्याचार को तुरंत रोके और अपनी नीतियां बदले। उन्होंने बताया कि संगठनों ने राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री के नाम कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर बंगाल में शांति स्थापना और हिंदुओं की सुरक्षा की मांग की।
–आईएएनएस
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