धार्मिक नगरों में पवित्र भाव, परिवार में स्वस्थ वातावारण बनाए रखने के लिए लागू की शराबबंदी : मोहन यादव

भोपाल/दतिया, 4 अप्रैल (आईएएनएस)। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने शुक्रवार को कहा कि ‘वसुधैव कुटुंबकम्’ के विचार वाली भारतीय संस्कृति संपूर्ण विश्व को परिवार मानती है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और मार्गदर्शन में इस सिद्धांत पर चल रही राज्य सरकार सभी के हित और कल्याण के लिए समर्पित है। परिवारों का वातावरण खराब न हो और मेहनत से कमाए गए पैसे का उपयोग परिवार के हित में हो, यह सुनिश्चित करने के लिए ही शराबबंदी लागू की गई है। धार्मिक नगरों में पवित्र भाव की अनुभूति होती है, इसी कारण प्रदेश में विद्यमान 19 देवस्थानों की गरिमा को बनाए रखने के लिए इन स्थानों पर शराबबंदी लागू की गई।
मुख्यमंत्री मां पीताम्बरा की नगरी दतिया में शराबबंदी लागू करने के लिए आयोजित नागरिक अभिनंदन समारोह को संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम में जन-प्रतिनिधियों और नागरिकों ने उनका नागरिक अभिनंदन किया।
सीएम यादव ने कहा कि दतिया सहित प्रदेश में जहां-जहां देवी मां की कृपा है, वहां देवी लोक विकसित किए जाएंगे। चित्रकूट सहित भगवान श्रीराम से जुड़े प्रदेश के सभी स्थानों का श्रीराम वनपथ गमन मार्ग के अंतर्गत उन्नयन किया जा रहा है। इसी प्रकार भगवान श्रीकृष्ण की जहां-जहां भी लीलाएं हुईं, उन स्थानों को भी तीर्थ के रूप में विकसित करने के लिए बजट में प्रावधान किया गया है। सनातन संस्कृति के मूल भाव “सर्वे भवंतु सुखिनः, सर्वे संतु निरामय:” के अनुरूप राज्य सरकार सबके कल्याण के लिए ही समर्पित भाव से काम कर रही है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश की अर्थव्यवस्था कृषि आधारित है। राज्य सरकार के लिए कृषकों का हित सर्वोपरि है, किसानों को उनकी मेहनत और उपज का सही दाम मिले, यह सुनिश्चित करने के लिए ही 2,600 रुपये प्रति क्विंटल की दर पर गेहूं खरीदा जा रहा है। प्रधानमंत्री मोदी ने ‘केन-बेतवा’ लिंक परियोजना और ‘चंबल-काली सिंध-पार्वती’ नदी जोड़ो परियोजना जैसी सौगात प्रदेश को दी है। साथ ही ताप्ती मेगा रिचार्ज परियोजना को भी स्वीकृति प्रदान की गई है।
उन्होंने किसानों से जमीन नहीं बेचने का आह्वान करते हुए कहा कि इन नदी जोड़ो परियोजनाओं से दतिया भी लाभान्वित होगा और किसान परिवारों का खुशहाल जीवन सुनिश्चित है। ‘डबल इंजन’ की सरकार में जनता का हित सर्वोपरि है। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व और मार्गदर्शन में राज्य सरकार ने जो कहा, वह करके दिखाया है।
मुख्यमंत्री ने अनावश्यक खर्चों से परहेज करने के लिए जनसामान्य को प्रेरित करते हुए कहा कि विवाह और मृत्यु भोज जैसे आयोजनों में अनावश्यक खर्च करना व्यर्थ है। अपने बच्चों की पढ़ाई-लिखाई और उनके भविष्य निर्माण पर ध्यान देना ही परिवारों की सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। हर गरीब को रहने के लिए पक्का मकान, हर जरूरतमंद के लिए भोजन की व्यवस्था जैसी गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में देश में संचालित सर्वांगीण विकास और जन-कल्याण की गतिविधियां रामराज के आदर्श के समान हैं।
–आईएएनएस
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