भारतीय रेलवे ने वित्त वर्ष 2025 में रिकॉर्ड 41,929 मालगाड़ी के डिब्बों का किया निर्माण


नई दिल्ली, 4 अप्रैल (आईएएनएस)। केंद्र सरकार ने शुक्रवार को जानकारी देते हुए कहा कि भारतीय रेलवे ने वित्त वर्ष 2025 में अब तक का सर्वाधिक 41,929 वैगन (मालगाड़ी के डिब्बे) का निर्माण किया है, जो वित्त वर्ष 2024 में निर्मित 37,650 वैगन से अधिक है।

रेल मंत्रालय ने कहा कि यह 2004-2014 के बीच निर्मित 13,262 वैगन के वार्षिक औसत में एक जबरदस्त उछाल है, जो विनिर्माण क्षमता और दक्षता में वृद्धि को दर्शाता है।

पिछले तीन वर्षों में कुल वैगन उत्पादन 1,02,369 इकाई तक पहुंच गया, जिससे रेलवे की माल ढुलाई क्षमता में वृद्धि हुई।

इस वृद्धि से माल ढुलाई की अड़चनें कम होने और रेल माल ढुलाई में वृद्धि होने की उम्मीद है।

मंत्रालय ने कहा, “ये आंकड़े सालाना वैगन उत्पादन में शानदार वृद्धि दर्शाते हैं, जो घरेलू विनिर्माण को बढ़ाने के साथ माल ढुलाई में सुधार करने के सरकार के दृष्टिकोण को भी उजागर करता है। इससे सुविधा बढ़ेगी और भारतीय अर्थव्यवस्था को भी बढ़ावा मिलेगा। साथ ही भारत आर्थिक रूप से सशक्त बनने के अपने लक्ष्य की ओर बढ़ेगा।”

वैगन उत्पादन में इस उछाल का गहरा आर्थिक और पर्यावरणीय प्रभाव होने की उम्मीद है।

अधिक वैगन उपलब्ध होने से परिवहन की अड़चनें काफी हद तक कम हो जाएंगी, जिससे कोयला, सीमेंट और स्टील जैसे थोक परिवहन पर निर्भर उद्योगों के लिए तेजी से माल ढुलाई और बेहतर दक्षता सुनिश्चित होगी।

सड़क माल ढुलाई पर निर्भरता कम कर, यह बदलाव ईंधन की खपत और उत्सर्जन को भी कम करेगा, जो स्थिरता लक्ष्यों में योगदान देगा।

इसके अतिरिक्त, सरकार के अनुसार, माल ढुलाई में बेहतर दक्षता परिवहन लागत को कम करने में मदद करेगी, जिससे मुद्रास्फीति के दबाव को कम कर व्यवसायों और उपभोक्ताओं को लाभ होगा।

इस बीच, भारतीय रेलवे ने वित्त वर्ष 2025 में 7,134 कोच बनाकर एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की, जो वित्त वर्ष 2024 में 6,541 कोचों से 9 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज करता है।

पिछले वित्त वर्ष में गैर-एसी कोचों पर विशेष जोर दिया गया था, जिसमें 4,601 कोचों का उत्पादन किया गया था।

रेल मंत्रालय के अनुसार, वार्षिक औसत कोच उत्पादन 2004-14 में 3,300 से बढ़कर 2014-24 में 5,481 हो गया है, पिछले दशक में कुल 54,809 कोचों का उत्पादन हुआ है।

भारतीय रेलवे अपनी माल ढुलाई क्षमता का विस्तार जारी रखते हुए भारत के औद्योगिक इंफ्रास्ट्रक्चर और आर्थिक लचीलेपन को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

–आईएएनएस

एसकेटी/एबीएम


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