भारत में निवेश बढ़ाने पर विचार कर रहा दक्षिण कोरिया : राजदूत


नई दिल्ली, 4 अप्रैल (आईएएनएस)। दक्षिण कोरिया आने वाले वर्षों में भारत में अपने निवेश और व्यावसायिक गतिविधियों को दोगुना करने या इससे भी ज्यादा बढ़ाने पर विचार कर रहा है। यह जानकारी नई दिल्ली में कोरियाई गणराज्य के राजदूत ली सेओंग-हो द्वारा शुक्रवार को दी गई।

हरियाणा के मॉडल इकोनॉमिक टाउनशिप (एमईटी सिटी) में बॉडिटेक मेड के नए मैन्युफैक्चरिंग प्लांट के उद्घाटन के अवसर पर राजदूत ने भारत के विस्तारित औद्योगिक और स्वास्थ्य सेवा इकोसिस्टम में कोरियाई कंपनियों के बीच बढ़ती रुचि पर प्रकाश डाला।

उन्होंने कहा, “मुझे कोरियाई कंपनियों द्वारा यहां अपने कारोबार का विस्तार करने की बढ़ती इच्छा के संकेत मिल रहे हैं। हमें उम्मीद है कि आने वाले वर्षों में भारत में कोरियाई निवेश और व्यावसायिक गतिविधि दोगुनी या तिगुनी हो जाएगी।”

उन्होंने कहा, “भारत में कोरिया-भारत संबंध तेजी से बढ़ रहे हैं। हमारी सरकार इस संबंध को आगे बढ़ाने और इसके विकास को सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है।”

पॉइंट-ऑफ-केयर (पीओसी) डायग्नोस्टिक्स में दुनिया में अग्रणी कंपनी बॉडिटेक मेड ने हरियाणा के झज्जर में अपनी भारतीय शाखा बॉडिटेक मेड इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के तहत 50 करोड़ रुपये की लागत से अपना प्लांट शुरू किया।

कुल 10,032 वर्ग मीटर में फैला यह नया प्लांट न केवल भारतीय बाजार की जरूरतों को पूरा करेगा, बल्कि इस संयंत्र से वैश्विक स्तर पर उत्पादों का निर्यात भी किया जाएगा।

एक बार पूरी तरह से चालू हो जाने के बाद, बॉडिटेक का लक्ष्य भारत के इन विट्रो डायग्नोस्टिक्स (आईवीडी) बाजार के पांच प्रतिशत से अधिक हिस्से पर कब्जा करना है और अकेले भारतीय बाजार से 650 करोड़ रुपये से अधिक का राजस्व प्राप्त करना है।

मेट सिटी के अनुसार, बॉडिटेक मेड के आने से टाउनशिप में 10 देशों से संचालित कंपनियों की संख्या 580 से अधिक हो गई है, जिनमें दक्षिण कोरिया की छह कंपनियां शामिल हैं।

यह विकास ‘मेक इन इंडिया’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ पहलों के अनुरूप है, जिसका उद्देश्य घरेलू विनिर्माण को मजबूत करना और आयात पर निर्भरता कम करना है।

बॉडिटेक मेड के चेयरमैन और सीईओ यूई यूल चोई ने भारत को वैश्विक विनिर्माण के लिए एक रणनीतिक स्थान बताया।

उन्होंने कहा, “भारत का सहायक नीतिगत माहौल और स्वास्थ्य सेवा का इंफ्रास्ट्रक्चर इसे हमारे विस्तार के लिए एकदम सही जगह बनाता है। हम भारत के मेडिकल डिवाइस इकोसिस्टम में योगदान देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।”

–आईएएनएस

एसकेटी/एकेजे


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